पीड़ित को सौंपी बरामद नकदी और जेवर
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सोनू अपनी होंडा मोबिलियो गाड़ी से आया था। उसे शहीद के घर से कुछ दूरी पर सितारा होटल के पास खड़ा किया था। इसके बाद पैदल घर गए थे। लूट के बाद सीधे फरीदाबाद चले गए थे। पुलिस को कार का नंबर फुटेज में मिल गया था। इससे पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई। एडीजी ने खुलासा करने वाली टीम को 50 हजार रुपये का इनाम दिया है।
...तो करीबी ने कराई थी रेकी
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने घटना के खुलासे के लिए दो टीमों को लगाया था। एक टीम ने सीसीटीवी फुटेज देखे। दूसरी टीम सर्विलांस की थी। पुलिस को एक मोबाइल नंबर भी मिला। यह नंबर परिवार के करीबी का निकला है। बदमाश ने घटना से पहले अपने नए नंबर से करीबी से बात की थी। पुलिस का कहना है कि करीबी ने ही वारदात कराई है। हालांकि पुलिस अभी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इसके बाद ही घटना में सहयोग देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फाइनेंस कंपनी से लिया लोन
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने लूटे गए कुछ जेवरात को फाइनेंस कंपनी में गिरवीं रख दिया था। इसके बाद लोन ले लिया था। वहीं कुछ रकम से कर्ज भी चुका दिया। उधर, पीड़ित परिवार ने पुलिस के खुलासे पर संतुष्टि जाहिर की। धन्यवाद भी दिया।