फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra: होटल में पर्यटक बन रुके थे सटोरिये, छापेमारी में पांच धरे गए, चार लाख से अधिक कैश बरामद

Fri, 14 Apr 2023 02:08 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

आगरा में पुलिस ने एक होटल में छापेमारी कर पांच सटोरियों को गिरफ्तार किया है। यह यहां पर पर्यटक बनकर रुके थे। यहीं से आईपीएल में सट्टेबाजी कराते थे। इनके पास से चार लाख से अधिक कैश बरामद हुआ है।
विज्ञापन
आगरा में पांच सटोरिये गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के आगरा में आईपीएल में ऑनलाइन सट्टा लगाया जा रहा है। फ्लैट ही नहीं होटल में भी सटोरिये सक्रिय हैं। बुधवार रात को ताजगंज स्थित होटल ताज निर्वाना में पांच सटोरिये गिरफ्तार किए गए। वह चर्चित बुकी कमल चिकना और गंगेश्वर उर्फ गंगे के लिए काम कर रहे थे। होटल में पर्यटक बनकर रुके थे। पुलिस ने आरोपियों से 4.19 लाख रुपये बरामद किए हैं।

विज्ञापन


डीसीपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि सट्टा लगाना और लगवाना दोनों अपराध है। अब तक पुलिस ने फ्लैट और कोठी में सट्टा पकड़ा था। बुधवार को राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के मैच में सट्टा लगाया जा रहा था। एसओजी प्रभारी कुलदीप दीक्षित और थाना ताजगंज के प्रभारी निरीक्षक बहादुर सिंह को सूचना मिली। उन्होंने पुलिस टीम के साथ ताजगंज स्थित होटल निर्वाना में छापा मारा।

पांच सटोरिये पकड़े गए

होटल के कमरा नंबर 106 से पांच सटोरिये पकड़े गए। इनमें पुष्पांजलि फेज तीन निवासी नमनदीप सिंह, मारुति एस्टेट निवासी मयंक मित्तल, जयपुर हाउस निवासी अक्षय जैन, केदार नगर निवासी अनंत कुलश्रेष्ठ और कुंडौल निवासी शैलेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया है। उनसे 4.19 लाख रुपये, सात मोबाइल और दो डेबिट कार्ड बरामद किए गए हैं। आरोपियों ने यहां अपने को पर्यटक बताया था।

विदेशी एप और वेबसाइट हैं मददगार

सटोरियों के लिए प्ले स्टोर के सैकड़ों एप और वेबसाइट मददगार बने हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, ऑनलाइन एप सीरीज एक्सचेंज, लाइव लाइन एप आदि की मदद से सट्टा लगाया जाता है। एप पर लाइव स्कोर आता है। यह टीवी पर दिखने से एक गेंद पहले होता है। इसके साथ ही सट्टे का भाव भी आता है। इससे ही सट्टा लगता है। सटोरिये ग्राहक से एडवांस में रकम लेते हैं। इसके बाद मोबाइल से सट्टा लगाया जाता है। व्हाटसएप पर चैट रखी जाती है, जिससे ग्राहक की लगाई रकम की जानकारी हो। जीतने वाले को रकम दी जाती है। हारने वाले से काट ली जाती है।

फ्लैट, कोठी, कार, होटल में बना रहे ठिकाना

सटोरिये फ्लैट, कोठी, कार और होटल में अपना ठिकाना बना रहे हैं। पुलिस से बचने के लिए मोबाइल कॉल का इस्तेमाल नहीं करते हैं। बातचीत के लिए व्हाट्सएप कॉल पर बात करते हैं। रकम भी ऑनलाइन ली जाती है। मगर, पुलिस ने सटोरियों को रडार पर ले रखा है। इससे ही पुलिस धरपकड़ कर रही है। एक सप्ताह में 15 से अधिक की गिरफ्तारी हो चुकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें