फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्जी एंटी करप्शन इंस्पेक्टर गिरफ्तार: चाैराहे पर पुलिसकर्मियों को धमकाया, भ्रष्टाचार में पकड़ने की दी धमकी

Wed, 09 Sep 2026 08:47 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

आगरा में पुलिस ने फर्जी एंटी करप्शन इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोपी चाैराहे पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को धमका रहा था। कार्रवाई करने की धमकी दे रहा था।
विज्ञापन
आगरा में फर्जी इंस्पेक्टर गिरफ्तार। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा के ईदगाह चौराहे पर बुधवार को ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से एक युवक ने 10 हजार रुपये वसूली की कोशिश की। खुद को एंटी करप्शन का निरीक्षक बताकर टीएसआई और सिपाही को धमकाने लगा। भ्रष्टाचार में गिरफ्तारी का डर दिखाने लगा। शक होने पर पुलिसकर्मियों ने अधिकारियों को अवगत कराया। ऑनलाइन एंटी करप्शन से जानकारी लेने पर युवक के फर्जी होने का पता चला। इस पर शाहगंज पुलिस को बुलाकर पकड़ लिया। मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई।
विज्ञापन


एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने बताया कि टीएसआई पीयूष सिंह, सिपाही कुलदीप और राजीव बुधवार दोपहर डेढ़ बजे ईदगाह चौराहे पर यातायात व्यवस्था देख रहे थे। तभी एक युवक उनके पास आया। कहा कि वो एंटी करप्शन में निरीक्षक है। संजय कुमार राय नाम है। सिपाही से 10 हजार रुपये देने के लिए कहने लगा। उन्होंने मना कर दिया।

इस पर कहने लगा कि यातायात पुलिस क्या करती है। मैं जानता हूं। अगर रुपये नहीं दोगे तो भ्रष्टाचार में गिरफ्तार कर लूंगा। रंगे हाथ पकड़े जाने पर कोई बच भी नहीं पाता है। सीधे जेल जाता है। यह सुनकर सिपाही घबरा गया। उसने टीएसआई को जानकारी दी। उन्होंने भी युवक से बात की। उससे बैच नंबर और तैनाती स्थल के बारे में जानकारी ली। युवक हड़बड़ा गया। उधर, टीएसआई ने ऑनलाइन और एंटी करप्शन के कर्मचारियों से संपर्क किया। पता चला कि संजय कुमार राय नाम का कोई नहीं है। इस पर थाना शाहगंज पुलिस को बुलाया गया। आरोपी संजय कुमार राय वाराणसी के भुल्लनपुर का रहने वाला है। उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। बृहस्पतिवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
विज्ञापन


घूमने के लिए आया, वसूली में लग गया
एसीपी ने बताया कि आरोपी कुछ काम नहीं करता है। पूर्व में नोएडा की एक मार्केटिंग कंपनी में काम करता था। वह आगरा आया था। उसके पास रुपये खत्म हो गए। इस पर पुलिस से वसूली के बारे में सोचने लगा। उसे पता था कि इन दिनों विजिलेंस और एंटी करप्शन से शिकायत के बाद कई कर्मचारी पकड़े जा रहे हैं। उसने यातायात पुलिस कर्मियों से ही वसूली की योजना बनाई। उसके पास ऐसा कोई दस्तावेज नहीं था, जिससे वो खुद को पुलिसकर्मी साबित कर सके।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें