पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हत्याकांड के बाद माहाैल खराब करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड किया था। इसके पीछे पहलगाम की घटना को जिम्मेदार ठहराने का प्रयास किया था। एक आरोपी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगी है।
ताजनगरी फेस-1 में 23 अप्रैल की आधी रात को घटना हुई थी। शाहिद अली चिकन बिरयानी रेस्तरां पर बाइक पर तीन युवक आए थे। शाहिद अली के चचेरे भाई गुलफाम (27) और सैफ अली को गोली मारी गई थी। गुलफाम की मृत्यु हो गई थी, जबकि सैफ अली के गोली कंधे से रगड़ते हुए निकली थी। मामले में मृतक के भाई बिलाल ने मुकदमा दर्ज कराया। घटना के समय रेस्तरां में मुन्ना और जीशान भी मौजूद थे।
हत्या के एक घंटे बाद इंस्टाग्राम पर मनोज चौधरी की आईडी से भड़काऊ वीडियो पोस्ट किया गया था, जिसमें दो युवक दिख रहे थे। उन्होंने अपनी पैंट में चाकू और तमंचे लगा रखे थे। एक युवक ने हत्याकांड की जिम्मेदारी ली थी। दो लोगों की हत्या की बात बोली थी। हत्या के पीछे पहलगाम की घटना का बदला करार दिया था।
पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों और सर्विलांस की मदद ली। हत्याकांड के खुलासे के लिए कई टीमों को लगाया गया। पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई। सोमवार शाम को प्रियांश यादव और उसके साथी शिवम बघेल को पुलिस टीम ने इनर रिंग रोड पर घेर लिया। दोनों ने पुलिस पर फायर किया, जिसमें जवाबी कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों पैर में गोली लगने से घायल हो गए। इस दाैरान बदमाशों की गोली से सिपाही गिरेंद्र सिंह हाथ में गोली लगने से घायल हो गए। आरोपियों का तीसरा साथी मनोज चाैधरी भी गिरफ्तार किया गया।
इनकी हुई गिरफ्तारी
1. प्रियांश यादव निवासी गांव करभना, ताजगंज
2. शिवम बघेल निवासी गांव करभना, ताजगंज
3. मनोज चौधरी उर्फ मनोज चाहर निवासी गांव नगला भूरिया, मलपुरा
यह हुई बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो तमंचे, दो कारतूस और एक बाइक बरामद की गई है।