आगरा में बालिका से दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के आरोप में अदालत ने थाना हरीपर्वत क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर निवासी अनिकेत को दोषी पाया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनिका चौधरी ने 20 साल के कठोर कारावास के साथ 70 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुन दी। जुर्माने की समस्त राशि पीड़ित को दिलाने के साथ -साथ प्रतिकर प्राप्ति हेतु आदेश की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रेषित करने के आदेश दे दिए।
थाना हरीपर्वत में दर्ज केस के अनुसार बालिका की दादी ने तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि 23 दिसंबर 2019 को दोपहर 3 बजे उनकी 10 वर्षीय नातिन अपने चाचा के घर पर जा रही थी। रास्ते में आरोपी अनिकेश उर्फ अनिकेत ने आवाज देकर नातिन को अपने पास बुलाया। आरोपी ने 10 रुपये देकर दुकान से राजश्री मंगाई। नातिन दुकान से राजश्री लेकर आई और आरोपी दो दे दी। आरोपी नातिन को अपने घर के ऊपर वाले कमरे में लेकर गया। अपने हाथों से उसका मुंह बंद कर उसके साथ दुष्कर्म किया।
किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। नातिन रोते रोते लौटकर उनके पास पहुंच गई। रोने का कारण पूछने पर घटना के बारे में जानकारी दी। पुलिस ने अनिकेत के विरुद्ध दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा था। विवेचक ने विवेचना कर 18 फरवरी 2020 को अदालत में आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की तरफ वादिनी मुकदमा , पीड़िता, डाक्टर प्रभात सिंह, डाक्टर सुनीता सागर, उपनिरीक्षक बिजेंद्र सिंह, निरीक्षक /विवेचक अजय कौशल और डाक्टर नीता कुलश्रेष्ठ को गवाही के लिए पेश किया गया।