कासगंज। ग्राहक सेवा केंद्र गोरहा के जालसाज अर्जुन को पूछताछ के बाद पुलिस ने जेल भेज दिया है। न्यायालय से सिर्फ एक दिन के लिए रिमांड की अनुमति मिली थी। पुलिस अब घोटालेबाज की संपत्ति के दस्तावेज खंगालेगी। इसके लिए पुलिस तहसील से रिकॉर्ड मांगेगी और जांच पूरी होने पर संपत्तियों की बिक्री की रोक लगाने के लिए उच्चाधिकारियों से अनुरोध करेगी।
सोरों कोतवाली पुलिस ने बुधवार को जालसाज से दिनभर पूछताछ कर अहम राज उगलवाए। रिमांड के बाद उसे जेल भेज दिया है। गुरुवार से पुलिस ने जांच आगे बढ़ा दी है। पूछताछ में पुलिस ने पाया है कि जालसाज ने उपभोक्ताओं से हड़पी गई धनराशि से कई संपत्तियां खरीदी हैं। इन संपत्तियों की जांच के लिए पुलिस तहसील प्रशासन का सहारा लेगी। तहसील से भू-अभिलेख मंगाकर पुलिस पूरा रिकॉर्ड खंगालेगी। देखा जाएगा कि उसने कहां कहां कितने रुपये से कौन कौन सी संपत्ति खरीदी है। इसके अलावा पुलिस उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर अनुरोध करेगी कि जालसाज की संपत्तियों की बिक्री पर फिलहाल रोक लगाई जाए। पूरा ब्यौरा पुलिस न्यायालय में भी देगी। जालसाज के कब्जे से पुलिस को मिली सूची में दर्ज उपभोक्ताओं के नाम के आधार पर पुलिस इन उपभोक्ताओं से भी पुलिस जांच कर रही है।
बढ़ गई भुगतान की उम्मीद
कासगंज। जालसाज के खाते में ढाई लाख रुपये होने और संपत्तियां पाए जाने से उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि शायद उनका भुगतान अब आसान हो जाएगा। उपभोक्ता बुधपाल सिंह का कहना है कि पुलिस की जांच से अब भुगतान की उम्मीद बढ़ती जा रही है।
आंकड़े की नजर से-
- 55 उपभोक्ताओं की सूची पुलिस ने ली कब्जे में।
- 4 हजार उपभोक्ताओं के साथ हुई है धोखाधड़ी।
- 43 लाख रुपये से अधिक का हुआ है घोटाला।
- 25 से अधिक फर्जी पासबुकें की गईं बरामद।
- रिमांड की समयावधि पूरी होने के बाद जालसाज को जेल भेज दिया। पूछताछ में उसने बताया कि उपभोक्ताओं से हड़पी धनराशि से संपत्ति खरीद ली है। संपत्ति के रिकॉर्ड तहसील से मांगे जा रहे हैं। रिपुदमन सिंह, कोतवाली प्रभारी, सोरों।