मेक इन इंडिया अभियान के तहत सैन्य साजो सामान के स्वदेशीकरण की योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिफेंस कॉरिडोर का एलान किया था।
उत्तर प्रदेश में रोजगार और औद्योगिक विकास की राह में यह सबसे बड़ा कदम साबित हो सकता है। आगामी चुनाव से पहले इस कॉरिडोर के शिलान्यास की योजना है।
कॉरिडोर के छह जिलों में एक साथ काम शुरू करने का प्रस्ताव है। इसके लिए एजेंसी सर्वे भी कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस योजना का शिलान्यास जल्द कर सकते हैं।
इसलिए चुने गए ये छह जिले
आगरा- भारतीय वायु सेना का बेस स्टेशन, एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट इस्टेब्लिशमेंट से फायदा, हजरतपुर में आर्डिनेंस फैक्ट्री होने के साथ आगरा की नेशनल हाइवे, दो एक्सप्रेस वे, रेल नेटवर्क और एयर कनेक्टिविटी शानदार है।
अलीगढ़- जिले में हरदुआगंज थर्मल पावर स्टेशन, नरौरा पावर प्लांट के साथ ताला उद्योग की मौजूदगी से कारीगरों की उपलब्धता है।
झांसी- यह क्षेत्र हाईवे का जंक्शन है। पांच नेशनल हाइवे एनएच 12ए, एनएच 25, एनएच 26, एनएच 75, एनएच 76 के साथ रेल नेटवर्क शानदार है।
चित्रकूट- यहां कॉरिडोर के लिए जरूरी भूमि, श्रमिकों का फायदा मिलेगा। सोलर पावर के बड़े केंद्र के साथ उद्योग स्थापना के लिए प्रमुख क्षेत्र बन सकता है।
कानपुर- पांच आयुध इकाइयां, एचएएल की एयरक्राफ्ट डिवीजन, बेस रिपेयर डिपो और रेल, हवाई, सड़क यातायात की सुविधा बेहतरीन।
लखनऊ- ऐरोस्पेस सिस्टम्स एंड इक्विपमेंट आर एंड डी सेंटर से डिफेंस कॉरीडोर को फायदा होगा। वहीं इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ हवाई, रेल और सड़क कनेक्टिविटी पूरे देश में है।