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प्रधानमंत्री आवासों में धांधली पर निदेशालय गंभीर

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मैनपुरी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए मकानों में आवंटन से लेकर निर्माण तक में जमकर धांधली हुई है। सोशल ऑडिट के दौरान हुए खुलासे के बाद सोशल ऑडिट निदेशालय ने गंभीर रुख अपनाया है। निदेशालय ने धांधली वाली ग्राम पंचायतों की सूची, धांधली पर की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा है।
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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देहात क्षेत्र में आवास बनाए गए हैं। ग्रामसभा की खुली बैठकों में पात्रों का चयन करने के साथ ही लाभार्थियों की सूची बनाई जाती है। योजना के तहत बनाए गए आवासों को 1.20 लाख का भुगतान आवास पूर्ण होने पर किया जाता है। आवास पूर्ण होने पर संबंधित बीडीओ द्वारा लाभार्थी को प्रमाणपत्र भी जारी किया जाता है।
सोशल ऑडिट के दौरान खुलासा हुआ कई ग्रामसभाओं में अपूर्ण आवासों के लाभार्थियों को पूरी धनराशि का भुगतान कर दिया गया है। वहीं बिना आवास बने भी मकान बनाने के नाम पर खातों में भुगतान भेजा गया है। सूत्रों की मानें तो 16 ग्रामसभाओं में प्रधानमंत्री आवासों में धांधली की शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
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बिना आवास बनाए कर दिया भुगतान
किशनी विकासखंड की ग्रामसभा बसैत में बिना प्रधानमंत्री आवास बनाए ही पांच लोगों के खातों में 1.20 लाख रुपये के हिसाब से भुगतान कर दिया गया है। सोशल ऑडिट के दौरान खुलासा होने पर बीडीओ ने एक आदमी को नोटिस जारी करके आवास की धनराशि जमा कराने को कहा है। वहीं, चार लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। दो माह बीतने के बाद भी अभी तक रिकवरी नहीं हो सकी है।
अपूर्ण आवासों पर विभाग रहा मेहरबान
विकासखंड करहल के गांव बांसक में 21 प्रधानमंत्री आवासों के अधूरे निर्माण के बाद भी पूरा भुगतान कर दिया गया है। जिसका खुलासा सोशल ऑडिट के दौरान हुआ है। ऑडिट टीम अपनी जांच रिपोर्ट कार्रवाई की संस्तुति सहित सोशल ऑडिट निदेशालय को भेज चुकी है। टीम के अनुसार बांसक में रोजगार सेवक की भाभी को बिना पात्रता के बाद आवास आवंटन किया जा चुका है।
प्रधानमंत्री आवासों के निर्माण में धांधली के मामले सोशल ऑडिट के दौरान सामने आ रहे हैं। आवास अपूर्ण होने, मौके पर आवास नहीं होने के बाद भी 1.20 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। जिसकी रिपोर्ट सोशल ऑडिट टीमों ने निदेशालय को भेजी है।
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मंजू यादव, जिला समन्वयक मनरेगा
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