आगरा में 25 लाख रुपये का चेक बाउंस होने के मामले में सुनवाई के दौरान वादी रुपये देने की तारीख नहीं बता सका। एसीजेएम-9 मोहित कुमार प्रसाद ने साक्ष्य के अभाव में आरोपी ब्रजेश सिंह यादव को बरी करने के आदेश दिए।
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कमला नगर निवासी अशोक कुमार गुप्ता ने अदालत में वाद दायर किया था। बताया कि उनके भाई अरविंद कुमार गुप्ता की आरोपी ब्रजेश सिंह के ऋषि हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में जय शिव मेडिकेयर के नाम से केमिस्ट की दुकान थी। दोनों में मित्रता हो गई। आरोपी ने परेशानी का हवाला देते हुए 25 लाख रुपये उधार लिए।
वापस मांगने पर 30 मार्च 2017 को पंजाब नेशनल बैंक का चेक दिया। चेक बाउंस हो गया था। वादी ने आरोपी को कब रुपया दिया इसकी तारीख नहीं बता सका। आरोपी को प्रेषित विधिक नोटिस की ट्रेक रिपोर्ट दाखिल नहीं करने और वादी के बयानों में गम्भीर विरोधाभास दिखा।