कासगंज सोरों के हरिपदी घाट पर बैठे श्रद्घालु
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सोरों(कासगंज)। पितृ अमावस्या के साथ आज पितृ पक्ष का समापन हो जाएगा। पितृ अमावस्या के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु तीर्थनगरी और लहरा, कछला गंगाघाट पर पितरों का तर्पण एवं श्राद्ध पूजा के लिए उमड़ेंगे। मध्यप्रदेश, राजस्थान समेत अन्य प्रांतों के श्रद्धालुओं का तीर्थनगरी में पहुंचने का सिलसिला बुधवार शाम से शुरू हो गया है।
कोरोना महामारी का असर इस बार पितृपक्ष भी नजर आया। राजस्थान और मध्यप्रदेश से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पितृों के तर्पण और श्राद्ध के लिए तीर्थनगरी नहीं पहुंच सके। इस बार श्रद्धालुओं ने पुरोहितों के माध्यम से तर्पण कराया। हालांकि अधिकांश श्रद्धालुओं ने पितृ अमावस्या पर पहुंचने की बात कही।
ऐसे में बृहस्पतिवार को पितृ अमवस्या पर तीर्थनगरी में श्रद्धालुओं का रैला उमड़ेगा। पितृ अमावस्या की तिथि का श्राद्ध के लिए बेहद महत्व है। तिथि पर पितृों का स्मरण नहीं कर पाने श्रद्धालु अमावस्या के दिन सभी पितृों का श्राद्ध और तर्पण एक साथ करेंगे।
घाटों पर रहेगी पुलिस की तैनाती
पितृ अमावस्या के मद्देनजर कोतवाली पुलिस ने अपनी तैयारी कर ली है। सीओ आरके तिवारी ने बताया कि पितृ अमावस्या पर वह स्वयं मौजूद रहेंगे। इसके अलावा छह पुलिस पिकेट तैनात की गई हैं। तीन पुलिस मोबाइल टीम भी तैनात की गई हैं, जो मार्ग पर भ्रमण करेंगी।
- पितृ अमावस्या के दिन भूले बिसरे दिवंगत पितृों, नाते रिश्तेदारों का तर्पण किया जाता है। जिन लोगों को अपने दिवंगत परिजनों की तिथि की जानकारी नहीं होती वे लोग अमावस्या के दिन श्राद्ध और तर्पण करते हैं। श्रीकांत तिवारी।
- तीर्थनगरी में पितृ अमावस्या पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इस बार कोरोना के कारण कुछ प्रभाव भी रह सकता है। सामाजिक दूरी का पालन करते हुए पूजा आयोजित की जा रही हैं। सभी पुरोहित कोरोना की गाइडलाइन का पालन कर रहे हैं। अमावस्या पर श्राद्ध पूजा के बाद सभी पितृ वापस अपने लोक को लौट जाते हैं।
- अंकुर पाराशर