कासगंज। दरियावगंज झील पर वैसे तो इन दिनों मेहमान और तमाम प्रजाति के मेजबान परिंदों की जल अठखेलियां आकर्षण का केंद्र बनी हैं, लेकिन सबसे अधिक संख्या में विदेशी मेहमान परिंदा पिनटेन पहुंच गया है जो पानी में अपनी कला से पर्यटकों को फिदा किए हुए हैं। विश्व आर्र्द दिवस पर वन विभाग द्वारा की गई गणना में इस पक्षी की संख्या 1500 से अधिक पाई गई है।
सर्दी के दिनों में पक्षी आर्द्र क्षेत्रों में अपना बसेरा कर लेते हैं। इस साल जब वन विभाग ने दरियावगंज झील को खूबसूरती दे दी है तो यहां देशी और विदेशी पक्षियों ने संसार सजा लिया है। कई प्रजातियों के पक्षी इस झील पर पहुंच गए हैं जो पानी में अठखेलियां कर रहे हैं। इनमें ही पिनटेन प्रजाति का पक्षी भी है जो सबसे अधिक आकर्षक बन रहा है।
यह पक्षी अन्य प्रजातियों के पक्षियों की अपेक्षा अधिक संख्या में दरियावगंज झील पर पहुंच गया है। विश्व आर्र्द दिवस पर रविवार को जब वन विभान ने पक्षियों की गणना की तो सबसे अधिक संख्या में यह पक्षी पाया गया। यह पक्षी पानी में डुबकी लगाने के साथ साथ तैरने की आकर्षक कला जानता है। इसका आकर्षण अन्य पक्षियों की अपेक्षा काफी मनमोहक है। वन विभाग प्रयास कर रहा है कि इस पक्षी को यहां बेहतर जलवायु का माहौल मिल सके। ताकि यह विदेशी पक्षी यहां संरक्षित हो जाएग।
पिनटेन पक्षी एक नजर में-
आकार: वयस्क घरेलू बत्तख।
प्राकृतवास: झीलनदी आर्द्र क्षेत्र।
विस्तार: प्रवासी पक्षी, यूरोप मध्य एशिया।
भोजन: जलीय वनस्पति, कीड़े-मकोड़े आदि।
आवाज: प्राय: शांत।
घोंसला- दलदल वाले घास का मैदान।
आंकड़े की नजर से-
- 3925 पक्षी दरियावगंज झील पर पाए गए।
- 35 प्रजाति के पक्षी प्रतिदिन कर रहे कलरव।
वर्जन-
आकर्षक है पिनटेन
- पिनटेन पक्षी काफी आकर्षक है। यह अच्छी संख्या में दरियावगंज झील पर पहुंच चुका है। यह विदेशी परिंदा है जो पानी में तैरता है। - दिवाकर वशिष्ठ, डीएफओ।