कासगंज। चीन के बाद भारत में भी कोरोना वायरस के मामले सामने आने के बाद शासन से स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश मिले हैं, लेकिन जिले का स्वास्थ्य महकमा खाली हाथ है। न तो यहां पर्याप्त जांच के इंतजाम हैं और न ही चिकित्सक। डेंगू से निपटने में नाकाम रहा विभाग संसाधनों के अभाव में कोरोना वायरस से कैसै निपटेगा यह बड़ा सवाल है।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति काफी चिंताजनक है। यहां डेंगू तक की जांच की व्यवस्था नहीं है, कोरोना वायरस की जांच तो बहुत दूर की बात है। जिले में पिछले साल डेंगू और वायरल बुखार फैला तो करीब दो दर्जन लोगों की मौत हुई, लेकिन जिला अस्पताल से डेंगू मरीजों की जांच के लिए सैंपल अलीगढ़ भेजने पड़े। 43 मरीजों में डेंगू की पुष्टि भी हुई, लेकिन रिपोर्ट समय से नहीं मिल सकीं। इसलिए एक दर्जन मरीजों को हालत बिगड़ने पर बाहर रेफर करना पड़ा। जिले में चिकित्सकों का भी टोटा है। जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त डॉक्टर नहीं है। जरूरत के हिसाब से चौथाई डॉक्टर भी जिले में नहीं है। यदि जिले में कोरोना वायरस ने पैर पसारे तो विभाग कैसे निपटेगा इसका सहज की अंदाज लगाया जा सकता है।
ये हैं लक्षण
कोरोना वायरस के संक्रमण से बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या होती है।
बचाव के उपाय
- साबुन से हाथ धोने चाहिए।
- अल्कोहल आधारित हैंड रब का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
- खांसते और छींकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्यू पेपर से ढककर रखें।
- जिन लोगों में कोल्ड और फ्लू के लक्षण हों उनसे दूरी बनाकर रखें।
- अंडे और मांस के सेवन से बचें, जंगली जानवरों के संपर्क में न आएं।
34 की जगह 5 और 93 के स्थान पर नौ डॉक्टर
जिला अस्पताल में डॉक्टरों के 34 पद सृजित हैं, लेकिन पांच चिकित्सक ही मौजूद हैं। सीएमओ के आधीन संचालित सीएचसी, पीएचसी, न्यू पीएचसी में डॉक्टरों के 93 पद हैं, लेकिन महज 25 चिकित्सक ही हैं, इनमें से भी 9 चिकित्सक ही मरीजों के इलाज करते है। बाकी एक सीएमओ, एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, चिकित्साधीक्षक का कार्य देखते हैं। एक चिकित्सक की ड्यूटी जेल में और एक अपर निदेशक अलीगढ़ के यहां तैनात है। जिले में एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है।
अस्पतालों की स्थिति
जिला अस्पताल 1
सीएचसी 5
पीएचसी 2
न्यू पीएचसी 29
सब सेंटर 161
चीन से आने वाले व्यक्ति को रखें एकांत में
कोरोना वायरस चीन से फैला है। शासन से 15 जनवरी के बाद चीन से आने वाले व्यक्ति पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। जो भी व्यक्ति अएगा, उसकी जांच कराई जाएगी। यदि जांच के बाद भी व्यक्ति में इसकी पुष्टि नहीं होती है तब भी उसे अपने घर पर ही अलग कमरे में रहना होगा।
-डॉ. प्रतिमा श्रीवास्तव, सीएमओ।