अधिवक्ता जुनैद इरशादी ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर कहा कि उन्हें भी पक्षकार बनाया जाए। उनके पास मामले से जुड़े कुछ साक्ष्य हैं। वहीं, उक्त मामले में देवकीनंदन ठाकुर की तरफ से पैरवी कर रहे अधिवक्ता विनोद शुक्ला ने पुरातत्व विभाग की तकनीकी टीम से सर्वे कराने की जरूरत बताई, जिससे कि जामा मस्जिद की सीढि़यों के नीचे दबे केशवदेव विग्रह की स्थिति स्पष्ट हो। न्यायालय ने दोनों ही मामलों में सुनवाई के लिए 25 अगस्त की तिथि नियत की है।
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तीन अगस्त को दायर किया गया था एक और वाद
जामा मस्जिद की सीढ़ियों में भगवान श्रीकृष्ण के विग्रह दबे होने के मामले में तीन अगस्त को सिविल जज सीनियर डिवीजन सुधा यादव की अदालत में एक और वाद दायर किया गया था। उक्त वाद भगवान श्रीकृष्ण लला विराजमान द्वारा कौशल किशोर ठाकुर, क्षत्रिय शक्तिपीठ विकास ट्रस्ट, अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह और अनंजय कुमार, सदस्य योगेश्वर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ ट्रस्ट की ओर से संयुक्त रूप से दायर किया गया है। इसमें उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ और जामा मस्जिद प्रबंधन समिति को प्रतिवादी बनाया है। उक्त मामले में न्यायालय ने मामले में सुनवाई को 11 सितंबर की तिथि नियत की है।
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