मिरहची। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने नगर पंचायत मिरहची में तीसरे स्थान पर रहीं प्रत्याशी मीनादेवी निवासी कुटैनामाफी की चुनाव याचिका को रद्द कर दिया है। उन्होंने चुनाव परिणाम को चुनौती देते हुए विजयी प्रत्याशी के नामांकन को अमान्य बताया। सत्र न्यायाधीश ने कहा कि याचिकाकर्ता अपनी बात साबित करने में विफल रही हैं।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि विजयी प्रत्याशी लक्ष्मी देवी उपाध्याय के नामांकन पत्र पर किसी और के हस्ताक्षर थे जबकि ट्रेजरी चालान पर हस्ताक्षर नहीं थे। उन्होंने कहा कि यह आपत्ति जांच के समय मौखिक रूप से उठाई गई थी लेकिन रिटर्निंग अधिकारी ने इसकी उपेक्षा की। आरोप है कि 13 मई 2023 को वोटों की गिनती में भी रिटर्निंग अधिकारी ने मनमानी की और उनकी बात नहीं सुनी। लक्ष्मी देवी को अवैध रूप से विजयी घोषित किया गया।
प्रतिवादी लक्ष्मी देवी ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि याचिका निराधार है और उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से दायर की गई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार ने दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता विस्तृत योग्यता के आधार पर अपना मामला साबित करने में विफल रही हैं इसलिए याचिका खारिज की जाती है।