आगरा। पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच व्यावसायिक सिलिंडर के दाम 993 रुपये बढ़ाने से आगरा के कारोबारी चिंता में हैं। करीब 40 फीसदी की बढ़ोतरी की भरपाई के लिए वह अपने उत्पाद के दाम बढ़ाएंगे तो सीधा असर आम आदमी और कारोबार दोनों पर पड़ेगा। अगर दाम न बढ़ाएं तो रीढ़ ही टूट जाएगी। ऐसे में कारोबारी संगठनों ने लामबंद होकर सरकार के फैसले का विरोध करने की हुंकार भरी है।
गैस महंगी होने से पेठा और फास्ट फूड के साथ रेस्तरां संचालकों, मिष्ठान विक्रेताओं पर सीधा असर पड़ेगा। ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) की बंदिशों के कारण पेठा इकाइयां पहले ही पूरी तरह गैस पर निर्भर हैं। निर्माताओं का कहना है कि लागत बढ़ेगी तो पेठे के दाम बढ़ाना मजबूरी है। फतेहाबाद रोड से लेकर एमजी रोड तक के रेस्तरां मालिकों में भारी आक्रोश है। कारोबारियों का कहना है कि एकमुश्त वृद्धि के बाद अब मेन्यू कार्ड में बदलाव के बिना धंधा चलाना असंभव है। यह बोझ अंत में आम आदमी की जेब पर ही पड़ेगा।
कारोबारी बोले- पटरी से उतर जाएगा कारोबार
एक झटके में करीब एक हजार रुपये बढ़ा देना कारोबारियों के साथ भद्दा मजाक है। हम ग्राहकों से कितना ज्यादा पैसा वसूलेंगे। कच्चा माल पहले ही महंगा है। हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे।
राकेश चौहान, अध्यक्ष, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन
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बढ़ोतरी से पेठा उद्योग आईसीयू में पहुंच जाएगा। ताज के कारण कोयला हम जला नहीं सकते और गैस पहले ही कम मिल रही है। सब्सिडी देकर सिलिंडर मुहैया कराने की बजाय कीमत बढ़ा दी गई। इससे इकाइयां बंद होने के कगार पर पहुंच जाएंगी।
राजेश अग्रवाल, अध्यक्ष, शहीद भगत सिंह पेठा कुटीर एसोसिएशन
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40 रुपये प्रति किलो बढ़ेंगे रेट
आगरा स्वीट्स मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष राज कुमार भगत ने बताया कि सरकार के इस फैसले से महंगाई बढ़ेगी। फिलहाल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बैठक कर 40 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिठाई के दाम में बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। सरकार से पुनर्विचार की मांग की है।
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इन सेक्टर पर भी पड़ेगा असर
कैटरिंग और टेंट व्यवसाय : शादियों के इस सीजन में कैटरर्स के लिए यह वृद्धि सिरदर्द साबित होगी। जिन लोगों ने पहले से बुकिंग कर ली है, उनके लिए कैटरर्स अतिरिक्त ईंधन शुल्क की मांग कर सकते हैं या खाने की क्वालिटी और मात्रा से समझौता कर सकते हैं।
स्ट्रीट फूड और छोटे वेंडर: नुक्कड़ पर लगने वाले चाय के खोखे और चाट के ठेलों पर इसका ज्यादा असर पड़ेगा। उनके दामों में भी भारी इजाफा होगा। महंगाई का असर ग्राहकों पर पड़ेगा।
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आपूर्ति पहले ही है कम, बढ़ेगी रीफिलिंग
शहर में हर दिन 40 हजार व्यावसायिक सिलिंडर की जरूरत पड़ती है जबकि 10 हजार सिलिंडर ही मिल पा रहे हैं। पांच किलो के सिलिंडर के दाम भी 599 से बढ़ाकर 840 रुपये कर दिए हैं। ऐसे में आशंका है कि घरेलू सिलिंडरों से व्यावसायिक व छोटे सिलिंडरों की रीफिलिंग और कालाबाजारी भी बढ़ सकती है।
गैस के बढ़े दाम जनता पर दोहरी मार
जनता पहले से ही महंगाई की मार से परेशान है। इससे गरीब ही नहीं मध्यम वर्ग और व्यापारी भी प्रभावित होंगे। चीजें और महंगी होंगी। जनहित में सरकार इस बढ़ोतरी को तुरंत वापस ले। - शब्बीर अब्बास, महानगर अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी
- जिला पूर्ति अधिकारी से कहा है कि टीमें बनाकर घरेलू गैस सिलिंडरों की निगरानी रखें। इनकी कालाबाजारी और अवैध भंडारण नहीं होना चाहिए। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
मनीष बंसल, डीएम, आगरा
शब्बीर अब्बास, राकेश चौहान, राजेश अग्रवाल, मनीष बंसल
शब्बीर अब्बास, राकेश चौहान, राजेश अग्रवाल, मनीष बंसल