इससे दो समुदाय के आमने-सामने आने से माहौल गर्मा गया। फरह का बाजार बंद हो गया। गनीमत रही कि कोई घायल नहीं हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को संभाला। फिलहाल बस्ती और कोलीपाड़ा में पुलिसबल तैनात कर दिया गया है। एसपी सिटी मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि उपद्रवियों को चिन्हित किया जा रहा है। जल्द ही सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की लापरवाही आई सामने
चाकू मारकर युवक दीपक को घायल करने वाले मीट विक्रेता काले के खिलाफ कोई कार्रवाई न करना फरह पुलिस की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है। पुलिस की इस लापरवाही का नतीजा यह रहा कि सोमवार को तीन घंटे तक जमकर दोनों समुदाय के युवकों ने तोड़फोड़ करके उत्पात मचाया। गनीमत रही कि इस तांडव में कोई घायल नहीं हुआ।
लोगों का कहना है कि पुलिस को काले के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी, पर पुलिस ने ऐसा नहीं किया। इधर, परखम चौराहे के पास घनी आबादी में मीट की बिना लाइसेंस की बिक्री होने से लोगों में काफी आक्रोश है। लोगों का यह भी आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत से यह मीट विक्रेता पनप रहे हैं। घनी आबादी में मीट की बिक्री से हर समय बदबू बनी रहती है। कई बार इसकी शिकायत की गई, पर इन मीट की दुकानों को नहीं हटाया गया।