छावनी विधायक डॉ. जीएस धर्मेश ने 6 जुलाई को प्रतिनिधिमंडल के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर इस विषय पर लिखित शिकायत सौंपी थी। उन्होंने परिवारों की जांच की मांग भी की थी। विधायक का आरोप था कि बांग्लादेशी मूल के लोगों के नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं। साथ ही वर्षों पहले सीओ सदर कार्यालय के पास हुए बम धमाके में भी इन्हीं परिवारों के सदस्यों के नाम सामने आए थे, पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
रक्षा मंत्री ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इसे जिलाधिकारी को जांच के लिए भेजा था। इसके बाद जिलाधिकारी ने पांच सदस्यीय टीम गठित की थी। एसीएम प्रथम के नेतृत्व में तहसीलदार सदर, चकबंदी अधिकारी, छावनी परिषद के अधीक्षक कुलविंदर सिंह और सहायक अध्यापक अविनाश पाठक को सदस्य बनाया गया था। पर, एसीएम के तबादले के चलते जांच नहीं हो पाई और कोई रिपोर्ट तैयार नहीं हुई।
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