आगरा सिटी में 12 लाख से ज्यादा वाहन। तंग रास्ते, जाम और उस पर आगे निकलने के लिए तेज आवाज में हार्न। सुबह से देर रात तक ट्रैफिक के इसी हाल में फंसे लोगों को सड़क का यह शोर बहरा और चिड़चिड़ा बना रहा है।
हास्पिटल और शांत क्षेत्रों में भी मानक से ज्यादा ध्वनि प्रदूषण हो रहा है, जिससे लोगों की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें बढ़ रही हैं। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने साल 2017 में ध्वनि प्रदूषण की ताजा रिपोर्ट जारी की है।
जिसमें आगरा के चार श्रेणियों में बनाए गए क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण मानक से काफी ज्यादा आया। आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक और शांत क्षेत्र के लिए ध्वनि प्रदूषण के मानक अलग-अलग हैं, जो दिन और रात में भी अलग-अलग हैं।