स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नज़र डालें तो वर्ष 2020 में मैनपुरी में कुल 6,056 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद 2021 में कोरोना महामारी की लहर के दौरान यह आंकड़ा बढ़कर 10,353 हो गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इन मौतों में से 4 हजार से ज्यादा लोग 50 साल से कम उम्र के थे। तब से जिले में मृत्यु दर 9 हजार से नीचे नहीं आई है। चालू वर्ष 2025 के शुरुआती छह महीनों में ही 5,022 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है।
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आकस्मिक मौतें बनी बड़ी चुनौती
मृत्यु दर में यह वृद्धि केवल कुल मौतों तक सीमित नहीं है, बल्कि आकस्मिक मौतों में भी खतरनाक तेज़ी आई है। 2020 से पहले आकस्मिक मौतों का औसत 1500 से 2 हजार था, जो 2021 से बढ़कर 3 से 4 तक पहुंच गया है। वर्ष 2024 में जिले में कुल 8,790 मौतें हुईं, जिनमें से 3,987 आकस्मिक थीं। इन आकस्मिक मौतों में अधिकतर दिल का दौरा पड़ने के कारण हुईं, और 25 से 50 साल की उम्र के 2,850 मरीज़ इसकी चपेट में आए।
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छह वर्ष के मृत्यु दर के आंकड़े
वर्ष- मरने वालों की संख्या
2019- 8414
2020- 6856
2021- 10353
2022- 9832
2023- 9012
2024- 9090
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