सड़क पर लड़ाकू विमान के टच डाउन (जमीन को छूकर उड़ जाना) पर बहुत से लोग यकीन नहीं कर पा रहे। ऐसे ही तमाम लोगों में शामिल थे विभव नगर निवासी रंजीत। वह अपनी कार से यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते दिल्ली जाने के लिए सुबह पांच बजे घर से निकले, ताकि सूरज चढ़ने से पहले वह अपनी मंजिल पर पहुंच जाएं। मगर, साढ़े पांच बजे के आसपास वह जैसे ही एनएच-2 कुबेरपुर स्थित जीरो प्वाइंट से एक्सप्रेसवे की तरफ मुड़े उन्हें गार्ड ने रोक दिया।
पूछने पर बताया कि आगे सड़क पर लड़ाकू विमान उतरने वाला है। यह सुनकर रंजीत अचरज में पड़ गए। रंजीत अकेले ऐसे शख्स नहीं थे। सुबह चार से सात बजे के बीच जितने लोग एक्सप्रेसवे की ओर निकले, उन्हें यह सुनकर हैरानी हुई।
रोड रनवे के प्रयोग के लिए भारतीय वायुसेना की मांग पर एक्सप्रेसवे सुबह चार बजे ही बंद कर दिया गया था। वाहन चालकों को जब जानकारी हुई कि एक्सप्रेसवे सात बजे ही खुलेगा तो बहुत से अपने वाहन एनएच की तरफ मोड़ दिए। हालांकि बहुत से वाहन चालक जीरो प्वाइंट पर ही रुक गए और एक्सप्रेसवे खुलने का इंतजार करते रहे। ऐसा ही हाल खंदौली कट पर था। यहां से भी वाहनों को एक्सप्रेसवे पर नहीं जाने दिया गया। सभी में यह चर्चा करते रहे कि आखिर सड़क पर लड़ाकू विमान कैसे उतर सकता है। काफी देर तक लोग एक्सप्रेसवे के बैरियरों पर तैनात गार्डों से इस बारे में जानकारी करते रहे।