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बच्चों को बचाने देवदूत बनकर आए लोग

Fri, 20 Mar 2015 02:16 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
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जवाहर पुल से बाहर लटकी बस में 47 जानें फंसी हुई थीं। बस लुढ़कने लगी तो बालिकाओं और शिक्षिकाआें ने चीखना चिल्लाना शुरू कर दिया। इस खतरनाक दृश्य को देख आसपास के लोगों ने दौड़ लगा दी। देवदूत बनकर सभी को खतरे से बाहर निकाला।
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जवाहर पुल के पास ही रविंद्र पौधों की नर्सरी चलाते हैं। बेटे गौरव की हेलमेट दुकान है। बस दुर्घटनाग्रस्त होता देखकर पिता-पुत्र दौड़ पड़े बाद में आसपास के अन्य दुकानदार भी आ गए। बस खड्ड में लुढ़के जा रही थी उसे रोकने के लिए पिछले पहियों के आगे बड़े पत्थर रखे। इसी दरमियान कुछ लोग वाहनों से उतरकर बस को रोकने का प्रयास करने लगे। आगे की तरफ बैठे बच्चों को पिछले हिस्से में बुलाया। बस की कुछ खिड़कियां नहीं खुल रही थीं। उनके शीशे तोड़कर बालिकाआें को निकालना शुरू कर दिया। 20 से 25 मिनट में सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रविंद्र का कहना था कि बस लुढ़ककर नीचे जाती तो सामने दूसरे पुल के पिलर से टकरा सकती थी।

खौफनाक मंजर से सहम गईं बालिकाएं
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में छठवीं की कल्पना, राखी, सातवीं की कंचन और आठवीं की अंजलि बस में चालक की सीट के बराबर में बैठी हुईं थी। इनके पीछे शिवानी, प्रियंका, विनीता थीं। सबसे आगे होने के कारण उनको लगा कि अब नहीं बच पाएंगे। उनके हाथ पैर कांपने लगे। चारों चीखने लगीं। पीछे देखा तो सभी जान बचाने के लिए चीख रहे थे। बस से सुरक्षित बाहर आने के बाद भी इन छात्राओं के आंसू नहीं रुक रहे थे। खौफनाक मंजर से सहम गईं थीं। पुलिस जब उन्हें थाने लेकर आई तो शिक्षिकाओं से लिपटकर रोने लगीं। उन्हें किसी तरह संभाला। सहमी हुई छात्राएं वापस घर जाना चाहती थीं। उन्होंने ताजमहल जाने से मना कर दिया। इस पर प्रधानाचार्य सुनीता शर्मा ने उन्हें समझाया। इसके बाद वह बस में बैठ गईं। अंजलि का कहना था कि ऐसा लगा कि अब नहीं बच पाएंगे। एक शिक्षिका की दो साल की बेटी वंशिका भी बस में थी।
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पुलिस ने बांटें केले और बिस्कुट
पुलिस छात्राओं को थाने पर ले आई थी। इसके बाद उन्हें केले और बिस्कुट बांटे थे। इसके बाद बच्चे भी पुलिस को थैंक्स बोलकर गए।

गड्ढे बने हैं हादसों का सबब
एनएच-2 पर गड्ढे हादसों का सबब बने हुए हैं। ड्राइवर इस्लाम का कहना था कि पुल पर पहुंचने से बस गड्ढे से निकली थी। इस कारण उसकी कमानी टूट गई थी। इसके बाद स्टेयरिंग फेल हुई। बता दें कि हाईवे पर कई जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं। 
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