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ये कैसी कार्रवाई: पर्यावरण को क्षति पहुंचाने पर जुर्माना 7.27 करोड़ रुपये, वसूली एक पाई की नहीं

Tue, 08 Jun 2021 12:11 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

ताज ट्रिपिजियम जोन (टीटीजेड) में सरकारी विभागों ने ही हरियाली नोंच ली। जल, मिट्टी और हवा में ‘जहर’ घोला। पर्यावरण को क्षति पहुंचाई। एनएचएआई, स्मार्ट सिटी, एडीए, जल निगम पर 7.27 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। किसी भी विभाग से प्रशासन एक पाई नहीं वसूल पाया, न ही कोई एफआईआर दर्ज कराई।
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धुंध में छिपा ताजमहल (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने हाईवे निर्माण के दौरान पहुंचाया। पांच साल की पर्यावरण क्षतिपूर्ति पर एक साल पहले 6.19 करोड़ रुपये का जुर्माना हुआ। शासन ने राजस्व वसूली के माध्यम से जिलाधिकारी को जुर्माना राशि रिकवरी के आदेश दिए। एक साल से आदेश कलक्ट्रेट की फाइलों में धूल चाट रहे हैं। 

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इसके अलावा जल निगम की यमुना प्रदूषण नियंत्रण इकाई, स्मार्ट सिटी, एडीए पर पर्यावरण को क्षति पहुंचाने पर करीब तीन साल पहले 1.08 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा था। टीटीजेड कमेटी और जिला प्रशासन की लचर कार्यशैली के कारण तीन साल बाद भी एक भी विभाग से एक रुपये की रिकवरी नहीं हो सकी है। 

आखिर सरकारी विभागों की जवाबदेही क्यों तय नहीं की गई, जिला प्रशासन की कार्यशैली लचर क्यों है, टीटीजेड का फिर क्या महत्व रहा, इन सवालों के जवाब में टीटीजेड चेयरमैन एवं जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों से जवाब-तलब करने और समीक्षा की बात कही है। 

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एजेंडे में शामिल करेंगे बिंदु
चेयरमैन टीटीजेड एवं मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने बताया कि टीटीजेड की अगली बैठक में इस विषय को शामिल किया जाएगा। प्रदूषण बोर्ड से रिकॉर्ड मांगा है। संबंधित विभाग भी दस्तावेज लेकर आएंगे। पर्यावरणीय क्षति की वसूली कराई जाएगी।

रिकवरी के आदेश, प्रक्रिया चल रही है : डीएम
सवाल : पर्यावरण को क्षति पहुंचाने वालों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई।
जवाब : उन विभागों को नोटिस जारी किए हैं। उन पर जुर्माना लगाया है।
सवाल : आपने कहा था उन विभागों के खातों से रिकवरी होगी क्या हुआ।
जवाब : एनएचएआई के खाते से रिकवरी आदेश मिले हैं, प्रक्रिया चल रही है।
सवाल : शहर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए क्या प्रभावी कदम उठाए हैं।
जवाब : कार्यदायी संस्थाओं को बार-बार चेताया है पहले से सुधार हुआ है।
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पर्यावरण क्षति पर जुर्माना
- हाईवे चौड़ीकरण में धूल उड़ाने पर पांच वर्ष में एनएचएआई पर 6.19 करोड़ रुपये का जुर्माना।
- सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से गंदगी यमुना में डालने पर जल निगम पर 15 लाख रुपये का जुर्माना।
- इनर रिंग रोड निर्माण के दौरान वायु प्रदूषण करने पर एडीए पर 31 लाख रुपये का जुर्माना।
- बोदला-पश्चिमपुरी रोड पर सीवर लाइन कार्य से पर्यावरण को नुकसान पर एडीए पर 31 लाख रुपये का जुर्माना।
- फतेहाबाद रोड चौड़ीकरण में वायु प्रदूषण फैलाने पर स्मार्ट सिटी पर 31 लाख रुपये का जुर्माना।
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