फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

षर्ष 1990 में ही लिख चु चुनाव की पटकथा

विज्ञापन
विज्ञापन
कासगंज। वर्ष 1991 में 11वीं विधानसभा के लिए हुए चुनाव की पटकथा वर्ष 1990 में ही लिख गई। बिहार में आडवाणी की रथ यात्रा रोके जाने एवं अयोध्या की घटना से उत्पन्न हुए धार्मिक ध्रुवीकरण ने जिले की सियासत की तासीर बदल दी। धार्मिक ध्रुवीकरण की आंधी में सभी दल बह गए। समय के चक्र के आगे जनतादल का चक्र थम गया। जिले की तीनों सीटों पर कमल खिल उठा।
विज्ञापन

वर्ष 1990 में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने राम मंदिर आंदोलन को धार देने के लिए 25 सितंबर को गुजरात के सोमनाथ से रथ यात्रा शुरू की। इस रथ यात्रा को 9 अक्तूबर को बिहार के समस्तीपुर में रोक लिया और आडवाणी को गिरफ्तार कर लिया गया। जिससे भगवादल में आक्रोश पनप गया। वहीं आयोध्या में कार सेवकों के साथ हुई घटना ने आग में घी का काम किया।
इसके बाद जनतादल सरकार का पतन हो गया। वर्ष 1991 में प्रदेश की विधानसभा का चुनाव हुआ। इस चुनाव में धार्मिक ध्रुवीकरण के चलते भाजपा के वोट बैँक में काफी उछाल आ गया। जिले में भाजपा को 33.78 प्रतिशत से लेकर 38.61 प्रतिशत तक वोट मिले। नतीजतन भाजपा ने जिले की तीनों सीटों पर जीत हासिल कर ली। इसी के साथ ही पहली बार प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी और कल्याण सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। जबकि जनता दल अपनी एक सीट भी नहीं बचा सकी। इसी के साथ ही जिले से जनता दल की सियासत भी खत्म हो गई।
विज्ञापन

कांग्रेस के शुरू हो गए बुरे दिन
वर्ष 1991 के चुनाव से जिले की सियासत में कांग्रेस के बुरे दिन शुरू हो गए। कांग्रेस अपनी एक सीट भी नहीं बचा पाई। सोरों से दो बार की विधायक रहीं उर्मिला अग्निहोत्री 11.61 प्रतिशत वोट पाकर 5वें स्थान पर रहीं। वहीं कासगंज में पार्टी प्रत्याशी अशोक सिसौदिया 14.26 प्रतिशत वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे। पटियाली से पार्टी के विधायक रहे देवेंद्र यादव ने 28.56 प्रतिशत वोट पाकर उप विजेता बनने में सफलता हासिल कर ली। इस चुनाव के बाद पार्टी फिर कभी जिले में नहीं उबर सकी।
46 प्रत्याशियों ने अजमाई किस्मत
जिले में पहली बार तीनों विधानसभा से 46 प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे। सबसे अधिक 16 प्रत्याशी पटियाली से तथा सोरों व कासगंज से 15-15 प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे। इनमें 28 प्रत्याशी निर्दलीय रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें