फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल, एसएन में उपचार तो है...दवाओं की कमी कर रही आर्थिक बीमार

Sat, 10 May 2025 09:37 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को महंगी दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रहीं हैं। मरीजों का कहना है कि यहां इलाज का जेब पर बोझ निजी अस्पाल से भी ज्यादा पड़ रहा है। 

 
विज्ञापन
एसएन मेडिकल कॉलेज ओपीडी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा के एसएन अस्पताल में दवाओं की कमी के चलते मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों को पूरी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिसके कारण उन्हें बाहर से महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मरीजों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें -  UP: 'फोन मत काटना' एयरफोर्स अधिकारी के पिता 10 दिन तक घर में रहे कैद, दहशत ऐसी...कमरे से बाहर नहीं निकले




 

शमसाबाद निवासी माता प्रसाद ने बताया कि अपनी कमर के दर्द की दवा लेने के लिए शुक्रवार को एसएन अस्पताल आए थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने 4 हजार रुपये में एमआरआई कराई, लेकिन जब वे दवा लेने काउंटर पर गए तो उन्हें 6 दवाओं में से केवल 4 ही निशुल्क मिलीं। बाकी दो दवाएं उन्हें बाहर से खरीदनी पड़ेंगी। बोले कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, महंगी दवाएं खरीदना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। 

ये भी पढ़ें -   UP: अब बेफिक्र होकर चलें आगरा की सड़कों पर...जाम के झंझट से मिलेगी निजात, जानिए क्या दिखेंगे बदलाव


 
विज्ञापन

सिकंदरा निवासी विजय कुशवाह ने कहा कि चेहरे की स्किन की समस्या के इलाज के लिए अस्पताल आए थे। उन्होंने बताया कि दवा लेने के लिए उन्हें घंटों लाइन में लगना पड़ा और पर्ची पर लिखी 8 दवाओं में से सिर्फ दो ही मुफ्त में मिलीं। बाकी 6 दवाएं उन्हें बाहर से 1940 रुपये में खरीदनी पड़ रही हैं। ऐसी सरकारी व्यवस्था का क्या फायदा जहां दवाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने सोचा था कि सरकारी अस्पताल में इलाज सस्ता होगा, लेकिन यहां तो निजी अस्पताल से भी ज्यादा महंगा पड़ रहा है। 

ये भी पढ़ें -    UP: युद्ध की आशंकाओं के चलते खाद्य सामग्री का न करें भंडारण, कीमत न बढ़ाएं व्यापारी; नेशनल चैंबर ने की अपील
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें