मोबाइल की रोशनी में घायल के घाव पर लगाए टांके
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फिरोजाबाद के शिकोहाबाद स्थित सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं अंधेरे में हैं। यहां मरीजों के साथ अस्पताल का स्टाफ भी परेशान है। बिजली न होने पर स्टाफ मोबाइल की रोशनी में उपचार करने को मजबूर है। शनिवार को अस्पताल में ऐसा ही मामला सामने आया है।
अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में रामनिवास नगर निवासी रेखादेवी अपने पिता तोफान सिंह को गंभीर हालत में लेकर आईं। उनके माथे पर चोट लगी हुई थी। इमरजेंसी में तैनात स्टाफ से टांके लगाने के लिए कहे लेकिन कक्ष में रोशनी न होने पर स्टाफ तैयार नहीं हुआ।
बाद में मरीज की हालत को देखते हुए स्टाफ ने मोबाइल टॉर्च की रोशनी में घायल के घाव में टांके लगाए। लेकिन रोशनी कम होने के कारण उन्हें परेशानी आ रही थी। स्टाफ ने बताया कि रात में बिजली नहीं आई, जिसकी वजह से इन्वर्टर बैठ गया है। जेनरेटर के बारे में पूछा तो बताया गया कि जेनरेटर चालू नहीं हुआ है।