फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों ने नहीं सुनी पिता की गुहार, इलाज के अभाव में जवान बेटे की मौत

Wed, 23 Oct 2019 12:16 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
विज्ञापन
रोते बिलखते मृतक के परिजन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
मथुरा के वृंदावन स्थित जिला संयुक्त चिकित्सालय में मंगलवार को घंटों उपचार न मिलने से एक मरीज की मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ रोष व्यक्त कर हंगामा किया। मरीज को नौहझील सामुदायिक केंद्र से संयुक्त अस्पताल रेफर किया गया था। 
विज्ञापन


पिता ने आरोप लगाया कि चिकित्सकों ने चार घंटे तक न तो बेटे को देखा न ही उसे कोई दवा दी। हंगामा की सूचना पर अस्पताल पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच पड़ताल की, जिसमें पाया कि रोगी को एक घंटे तक कोई उपचार नहीं मिला। जांच रिपोर्ट डीएम के समक्ष पेश की जाएगी। 

मांट क्षेत्र के गांव मोइनउद्दीन निवासी साबिर (25) की गंभीर हालत होने पर नौहझील के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से उसे जिला संयुक्त चिकित्सालय के लिए रेफर किया था। पिता जलालुद्दीन उसे जिला संयुक्त चिकित्सालय लेकर आए। यहां उपचार न मिलने के कारण उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

परिजनों ने किया हंगामा

युवक की मौत की खबर सुन अस्पताल पहुंचे परिजनों ने हंगामा कर रोष व्यक्त किया। मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार ने जांच पड़ताल की।  मृतक के पिता जलालुद्दीन ने आरोप लगाया कि अस्पताल में चार घंटे तक उनके बेटे को उपचार नहीं मिला। 

मृतक के पिता ने बताया कि बेटे को कई दिनों से बुखार आ रहा था। यहा चिकित्सकों के आगे वो गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन उन्होंने बेटे को न देखा और न ही दवा दी। पिता ने बेटे की मौत के लिए अस्पताल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया। मृतक युवक के दो छोटे बच्चे हैं। 

सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि अस्पताल की इस मामले में कमी रही है। करीब एक घंटे तक रोगी को उपचार नहीं मिला है। वो डीएम को अपनी जांच रिपोर्ट देंगे। सीएमएस डॉ. केके गुप्ता का कहना है कि डॉ. दिलीप व डॉ. हर्षवर्धन ने रोगी की जांच की थी। वो पिछले दो माह से बीमार चल रहा था। रोगी की मौत के मामले में जांच की जाएगी। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें