पुलिस की नौकरी में जिम्मेदारी ज्यादा है, काम का दबाव भी बहुत है और अफसरों का प्रेशर भी। जाहिर है, तनाव तो होगा, लेकिन सिपाही और दरोगा अगर प्लानिंग से काम करें तो तनाव से बचा जा सकता है। मंगलवार को आगरा में मोटिवेशनल स्पीकर एवं लाइफ कोच केतन गावंड ने पुलिसकर्मियों को तनाव से बचने के फार्मूले दिए।
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डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के जेपी सभागार में आयोजित स्ट्रेस मैनेजमेंट एंड पर्सनल एक्सिलेंस की यह कार्यशाला में मोटिवेशनल स्पीकर ने कहा कि सबसे जरूरी है कि परिवारीजनों और दोस्तों से दिल की बातें साझा करना, उन्हें समय देना।
दूसरा, जैसे अफसर रोज जिम जाना, मार्निंग वॉक करना नहीं छोड़ते, वैसे ही सिपाही और दरोगा को भी नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हम ठान लें तो पाएंगे कि परिवार के लिए समय निकलने लगेगा। उन्होंने कई प्रेरक किस्से भी बताए।
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हर दिन को आखिरी दिन मानें
डीजी जेल आनंद कुमार
- फोटो : अमर उजाला
केतन ने कहा कि सुबह उठने के बाद मानें की यह आखिरी दिन है। पांच महत्वपूर्ण कार्यों को पूर्ण करने का संकल्प कर लें तो उत्साह और ऊर्जा से वह दिन गुजारा जा सकता है।
रिजल्ट चाहिए, तो बदलाव लाइए
केतन ने अफसरों से कहा कि अगर आप पुलिसकर्मियों से वैसा रिजल्ट चाहते हैं जैसा अब तक नहीं मिला, तो आपको ऐसे कदम उठाने होंगे जो अब तक नहीं उठाए गए। उन्हें अपडेट करना होगा, वर्कशॉप करानी होंगी और उनकी दिक्कतों को समझकर दूर करना होगा। इस मौके पर एससपी बबलू कुमार, एसपी सिटी प्रशांत वर्मा भी मौजूद रहे।
असली कमी बेसिक ट्रेनिंग में है : डीजी
डीजी जेल आनंद कुमार ने कहा कि पुलिसकर्मी होटलकर्मियों से ज्यादा पढ़े लिखे होने के बावजूद भी उनकी तरह व्यवहार कुशल नहीं होते। इसकी वजह बेसिक ट्रेनिंग में कमी होना है। इसमें अब सुधार हो रहा है।
केतन ने बताया कि वो आईटीबीपी, सीबीआई, तिहाड़ जेल के स्टाफ, राजस्थान पुलिस, मुंबई पुलिस, दिल्ली पुलिस को तनाव से बचने का प्रशिक्षण दे चुके हैं। सबसे ज्यादा तनाव में दिल्ली पुलिस दिखी।
कारण यह था कि दिल्ली के पुलिसवाले दिल्ली नहीं, हरियाणा, यूपी और अन्य राज्यों के हैं। यूपी, हरियाणा, राजस्थान, मुंबई और अन्य राज्यों में इस बात की तसल्ली पुलिसवालों के मन में रहती है कि वह अपने राज्य में हैं।
पुलिसकर्मियों ने किए सवाल
सवाल- हम अपना काम ठीक से करें, तब भी यह डर क्यों लगा रहता है कि गलती न हो जाए?
केतन का जवाब- हमें अपना रोल समझना होगा, उसी को ठीक से निभाएं, डर निकल जाएगा।
सवाल- जो पुलिसकर्मी रात भर जगा हो, वो सुबह व्यायाम कैसे कर सकता है। छुट्टी न मिले, तो परिवार को समय कैसे दे?
केतन का जवाब- कमी समय की नहीं, इच्छाशक्ति की है, ठान लेंगे तो समय निकल जाएगा।
सवाल- तनाव हर समय मिलता है, एक वर्कशॉप से दूर कैसे होगा?
केतन का जवाब- तनाव एक वर्कशॉप से नहीं, दिनचर्या में बदलाव से दूर होगा।