आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज के ट्राॅमा सेंटर में भर्ती मरीज की मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि 4 दिन तक मरीज को वेंटिलेटर नहीं मिला। शिकायत के बाद वेंटिलेटर उपलब्ध कराया, कुछ ही घंटे में मौत हो गई। पहले दिन से ही मरीज को वेंटिलेटर की सुविधा मिल जाती तो जान बच सकती थी।
अकोला निवासी देवेंद्र सिंह ने बताया कि भाई सनी (22) बीते 2 नवंबर को संदिग्ध हालात में सड़क पर गंभीर हालत में मिले थे। वह चिनाई का कार्य करते थे। सिर पर चोट लगी थी। निजी अस्पताल लेकर गए तो भर्ती करने से मना कर दिया गया। ऐसे में 2 नवंबर को एसएन मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी स्थित ट्राॅमा सेंटर में भर्ती कराया।
परिजन का आरोप है कि मरीज को वेंटिलेटर नहीं दिया गया। हालत ज्यादा खराब होने पर स्टाफ से वेंटिलेटर की मांग की तो स्टाफ ने अभद्रता की। इस पर अपने परिचित समान अधिकार पार्टी के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा से शिकायत की। उन्होंने सोशल मीडिया पर अव्यवस्था के बारे में लिखा। इसके बाद बुधवार की दोपहर को स्टाफ ने वेंटिलेटर दिया। शाम करीब नौ बजे मरीज ने दम तोड़ दिया।
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता का कहना है कि ट्राॅमा सेंटर में 16 वेंटिलेटर और आठ बेड हैं। मरीज के सिर में गंभीर चोट लगी थी और उसे पहले दिन से ही वेंटिलेटर दिया गया है। परिजन मरीज को सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में शिफ्ट करने का दबाव बना रहे थे, जबकि मरीज की हालत अति गंभीर थी। शिफ्टिंग करना खतरे से खाली नहीं था। इस बात पर तीमारदार और स्टाफ में कहासुनी हो गई थी। ट्रॉमा सेंटर में वेंटिलेटर की कोई कमी नहीं है।