विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से मुक्त कर सकारात्मक सोच और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वार्षिक कार्यक्रम परीक्षा पर चर्चा-2026 को लेकर देशभर में तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन आगरा जिले में अपेक्षित रुचि दिखाई नहीं दे रही है। पंजीकरण की स्थिति इतनी कमजोर है कि आगरा प्रदेश में सबसे निचले पायदान पर पहुंच गया है। इससे शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ गई है।
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इस वर्ष जिले को माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग के माध्यम से कुल 3 लाख 44 हजार 468 विद्यार्थियों के पंजीकरण का लक्ष्य सौंपा गया है। इसमें माध्यमिक शिक्षा विभाग के 1,71,954 और बेसिक शिक्षा विभाग के 1,72,514 विद्यार्थियों को शामिल किया जाना है। लक्ष्य के सापेक्ष अब तक जिले से केवल 89 हजार 732 विद्यार्थियों का ही पंजीकरण हो पाया है। इस तरह आगरा महज 26.05 प्रतिशत पंजीकरण कर सका है, जो प्रदेश में सबसे कम है।
आगरा मंडल के अन्य जिलों की प्रगति भी जिले के मुकाबले संतोषजनक है। मथुरा में 1,98,654 के लक्ष्य के सापेक्ष 71,358 विद्यार्थियों का पंजीकरण हो चुका है, जिससे वहां 35.92 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है। फिरोजाबाद ने 1,91,891 के लक्ष्य के मुकाबले 60,518 पंजीकरण कर 31.54 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। वहीं मैनपुरी ने 1,53,871 के लक्ष्य के सापेक्ष 58,858 विद्यार्थियों का पंजीकरण कर 38.25 प्रतिशत की प्रगति दर्ज की है।
जिले में पंजीकरण कम होने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। स्कूल स्तर पर समय पर सूचना न पहुंचना, छात्रों और अभिभावकों में कार्यक्रम को लेकर पर्याप्त जागरूकता का अभाव और शिक्षण संस्थानों की अपेक्षित रुचि न दिखाना प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। वहीं कई विद्यालयों में पंजीकरण प्रक्रिया को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिससे आंकड़े प्रभावित हुए।
इस बारे में जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर ने बताया कि सभी स्कूलों को व्यक्तिगत फोन कर सूचना दी गई है। इस कार्य में लापरवाही बरतने पर चार राजकीय प्रधानाचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। हालांकि अब विभागीय स्तर पर पंजीकरण बढ़ाने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं। विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे छात्रों को कार्यक्रम के महत्व के बारे में समझाएं और अधिक से अधिक पंजीकरण सुनिश्चित करें।
प्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में आगरा की स्थिति बेहद खराब है। कई छोटे जिले लक्ष्य से कहीं आगे निकल चुके हैं। रामपुर ने 105.19 प्रतिशत पंजीकरण कर लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल की है, जबकि हापुड़ 99.95 प्रतिशत), बागपत 95.08 प्रतिशत, पीलीभीत 92.46 प्रतिशत और शामली 86.17 प्रतिशत आदि जिलों ने लगभग लक्ष्य पूरा कर लिया है।