आगरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर एत्मादपुर क्षेत्र में झरना नाला पर शुक्रवार सुबह हिमाचल के मंडी जिले की स्कूल टूर बस पलटने से घायल हुए छात्र-छात्राओं के परिवारीजन रात में आगरा पहुंच गए। बच्चों के शरीर पर जख्म देखकर मां-बाप बिलख पड़े।
बच्चे भी माता-पिता को देखकर फूट-फूटकर रोने लगे। हॉस्पिटल स्टाफ और पुलिस ने किसी तरह उन्हें संभाला। शनिवार को गंभीर रूप से घायल बच्चों और अन्य को परिवारीजन दिल्ली और चंडीगढ़ के अस्पताल में इलाज कराने के लिए ले गए।
इनके अलावा दो बच्चे निजी अस्पताल और 11 बच्चे, शिक्षक और कर्मचारी एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी में भर्ती हैं। बाकी को प्राथमिक उपचार के बाद हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई।
हेमराज
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी में शुक्रवार को प्रांजल, प्रीति, शिक्षिका कंचन, उनकी बेटी ओसीन, कुक पुष्पराज, डिंपल, अभिनव और अंजली हिमांशु, जितेंद्र और महक को भर्ती कराया था। शुक्रवार रात एक बजे परिवारीजनों का मेडिकल कालेज पहुंचना शुरू हो गया।
हादसे में छात्र अभिषेक का बायां हाथ कट गया है, उसके पिता हेमराज देर रात आगरा पहुंचे। पिता को देखकर अभिषेक फूट-फूटकर रोने लगा। पिता भी उसके साथ रोने लगे।
दिल्ली के सैन्य अस्पताल ले गए
अभिषेक
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर 12 बजे वह बेटे को इलाज के लिए दिल्ली के सैन्य अस्पताल ले गए। वहीं कई और बच्चों के मां-बाप और परिचित अस्पताल पहुंचे हैं। बच्चों की हालत देखकर हर कोई रो पड़ा।
दोपहर को जय हॉस्पिटल से अंजलि, अभिनव, प्रियंका, समीर, शिक्षिका संगीता को मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। दो छात्राएं यासमीन और तनीशा का इलाज शांति मांगलिक हॉस्पिटल में चल रहा है।
57 लोग हुए थे घायल
बस हादसे में 47 छात्र-छात्राओं समेत 57 लोग घायल हुए थे। चालक की मौत हो गई थी। हिमाचल के मंडी जिले के कोटली के आलोक प्रसाद पब्लिक स्कूल के बच्चों की बस थी। टूर ताजमहल देखने आ रहा था।
टायर फटने के बाद बस डिवाइडर से टकराई और पलट गई। बच्चों का टूर गुरुवार दोपहर 12 बजे दो बस में आगरा के लिए रवाना हुआ था। एक बस में 51 छात्र-छात्राएं और स्टाफ था। दूसरी बस में 45 छात्र-छात्राएं, पांच शिक्षक और पांच अन्य लोग मौजूद थे।