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श्री पारस अस्पताल: आईएमए दो घंटे के लिए खुलवाएगा अस्पताल, डॉ. अरिंजय की फिर होगी पेशी

Sat, 26 Jun 2021 01:54 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

आईएमए की जांच समिति श्री पारस अस्पताल प्रकरण की जांच कर रही है। समिति को अब तक 91 मरीजों में से 35 के ही नाम, पते और फोन नंबर मिले हैं। आईएमए अध्यक्ष अस्पताल की सील खुलवाकर रिकॉर्ड मांगने के लिए डीएम से मिलेंगे। 
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श्री पारस अस्पताल आगरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के श्री पारस अस्पताल में दमघोंटू मॉकड्रिल मामले की जांच कर रही आईएमए की जांच समिति अब नए सिरे से सभी बिंदुओं पर जांच करेगी। समिति को डॉ. अरिंजय जैन ने 35 मरीजों के ही नाम, पते उपलब्ध कराए हैं, बाकी के मरीजों के विवरण के लिए अस्पताल की सील को दो घंटे के लिए खुलवाया जाएगा। इसके लिए आईएमए अध्यक्ष डीएम से मिलेंगे। डॉ. अरिंजय जैन की समिति के सामने फिर से पेशी होगी। 

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जांच समिति के संयोजक डॉ. सुधीर धाकरे ने बताया कि डॉ. अरिंजय जैन की ओर से मिले कागजातों की जांच करने पर 35 मरीजों का ही विवरण मिला है। इसमें पता है, लेकिन कुछ के फोन नंबर नहीं है। ऐसे में डॉ. अरिंजय जैन से भर्ती रहे 91 मरीजों के पूर्ण विवरण मांगा है। इसके लिए अस्पताल की दो घंटे के लिए सील खुलवाकर फाइलें निकलवाई जाएं। इसके लिए आईएमए का प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिलेगा। 

यह भी तय हुआ कि डॉ. अरिंजय जैन को समिति फिर से बुलाएगी। उनसे वीडियो के आधार पर सवाल-जवाब किए जाएंगे। इसमें 96 मरीज के कैसे 91 रह गए, वीडियो में कौन-कौन है, कब बना है, इसके लिखित में बयान दर्ज किए जाएं। दो घंटे तक चली बैठक में जांच समिति के सदस्य डॉ. मुनीश्वर गुप्ता, डॉ. संजय चतुर्वेदी, आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय, सचिव डॉ. अनूप दीक्षित, मीडिया प्रभारी डॉ. पंकज नगायच मौजूद रहे। 

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बैठक के मुख्य बिंदु
मरीजों का रजिस्टर: समिति ने 26 और 27 अप्रैल को भर्ती मरीजों की फाइल उपलब्ध कराने को कहा है। इसके लिए अस्पताल की सील खुलवाकर रिकॉर्ड निकलवाए जाएंगे। 
वीडियो की जांच: वायरल वीडियो की तकनीकी विशेषज्ञ से जांच कराई जाए, इससे इसमें छेड़छाड़ की जानकारी मिल सकेगी, साथ ही पैनल बनाकर बातचीत का आकलन कर रिपोर्ट बने।
तीमारदारों से बात: अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदारों से अलग-अलग बात कर रिपोर्ट बने, इसका जिम्मा डॉ. मुनीश्वर गुप्ता को दिया गया है। वह उनसे बात कर बयान दर्ज करेंगे। 
मरीजों की मौत का समय: इन दो दिनों में मरने वाले मरीजों के परिजनों से अलग से बात होगी। इसमें मरीज की कब मौत हुई और आपको कब जानकारी दी। इसकी अलग से रिपोर्ट बनेगी। 
प्रश्नों की सूची होगी तैयार: मरीज और तीमारदारों से क्या प्रश्न करने हैं, इसके लिए समिति ने दस प्रश्न तैयार करने को कहा है। इसी आधार पर मरीजों के बयान की रिपोर्ट बनाई जाएगी।
अरिंजय जैन के फिर बयान होंगे: जांच समिति की पूर्व की बैठक में डॉ. अरिंजय जैन ने मौखिक जवाब दिए थे, अब इनको दोबारा तलब किया जाएगा और लिखित में जवाब लिए जाएंगे।
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