भोगांव/किशनी। पराली जलाने से रोकने के बाद भी किसान पूरी तरह नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। मंगलवार को जिले में अलग-अलग क्षेत्रों में पराली जलाने के मामले में सात लोगों के विरुद्ध कृषि विभाग ने एफआईआर दर्ज कराई।
किशनी क्षेत्र स्थित गांव सकरा के लेखपाल ने कृषि विभाग को गांव में पराली जलाए जाने की सूचना दी। सूचना पर राजकीय कृषि बीज गोदाम प्रभारी दुशासन सिंह टीम के साथ गांव पहुंचे। यहां पांच खेतों में पराली जलते हुए मिली। इसके बाद उन्होंने पराली जलाने पर नेम सिंह, रामचंद्र निवासी बखतपुर भाग सकरा, महेश कुमार निवासी नगला जसी, शिवपाल सिंह निवासी बखतपुर और लल्लू सिंह नगला जसी के विरुद्ध थाना किशनी में एफआईआर दर्ज कराई है।
भोगांव थाना क्षेत्र में सहायक विकास कृषि रामऔतार ने पराली जलाने पर शिवनंदन निवासी मौजेपुर और उर्मिला पत्नी राजबहादुर निवासी मोहल्ला पथरिया भोगांव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। संबंधित कर्मचारियों ने जुर्माना लगाने के लिए क्षेत्रीय तहसीलदार को भी इसकी रिपोर्ट भेजी है।
भोगांव। पराली न जलाने के लिए किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। मंगलवार को उप जिलाधिकारी सुधीर कुमार और क्षेत्राधिकारी अमर बहादुर नगला दीपा पहुंचे। प्राथमिक विद्यालय में किसानों के साथ बैठक कर उन्हें पराली न जलाने के लिए कहा। एसडीएम ने कहा कि पराली जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
इससे एक ओर जहां वातावरण प्रदूषित होता है तो वहीं भूमि की उर्वरा शक्ति की भी घटती है। क्षेत्राधिकारी ने कहा कि पराली जलाने पर न केवल एफआईआर दर्ज कराने का प्रावधान है बल्कि जुर्माना भी किया जाएगा। बैठक के बाद किसानों ने पराली न जलाने का आश्वासन दिया। प्रभारी निरीक्षक पहुप सिंह, लेखपाल प्रदीप सक्सेना, शैलेंद्र यादव, सुनील यादव, कालीचरन, सतीश चंद्र आदि मौजूद रहे।