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विकास कार्यों में घोटालाः पंचायतों ने किया 12 लाख का गबन, जांच में खुली पोल तो 7 लाख की रिकवरी

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कासगंज। ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर गड़बड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। काफी समय पहले से चल रही जांच में 12 लाख रुपये तक का गबन 4 ग्राम पंचायतों में पाया गया है। विवाद ने अब 7 लाख रुपये की रिकवरी पंचायतों से कर ली है। शेष धनराशि रिकवरी के लिए विभाग नोटिस जारी कर चुका है। वर्ष 2019 के जुलाई माह में जिले की चार ग्राम पंचायतों में गड़बड़ी की शिकायतें मिलीं। इन ग्राम पंचायतों की जांच प्रशासन द्वारा शुरू कराई गई। उस समय तमाम अनियमितताएं विकास के नाम पर पाई गईं।
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जांच टीमों ने जब रिपोर्ट विभाग को दी तो पाया गया कि 12,29,440 रुपये की गड़बड़ी विकासकार्यों के नाम पर की गई थी। ग्राम पंचायत सचिव और प्रधानों ने मिलकर धनराशि का गबन कर लिया। जांच में यह भी पाया गया कि मौजूदा पंचवर्षीय योजना के अलावा पिछली पंचवर्षीय योजना में भी गड़बड़ियां हुईं थी। इस पर अब विभाग द्वारा कार्रवाई की गई तो इन पंचायतों से कुल 7,30,190 रुपये की वसूली कर ली गई है। शेष धनराशि वसूली के लिए विभाग नोटिस जारी कर चुका है।
इन ग्राम पंचायतों में हुई गड़बड़ी
गंजडुंडवारा की ग्राम पंचायत म्युनी, म्यांसुर, उलाईखेड़ा, सहावर की ग्राम पंचायत खितौली में वित्तीय अनियमितता हुई थी। यहां ग्राम पंचायतों ने गबन किया था।
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इस तरह हुई रिकवरी
ग्राम पंचायत म्युनी के प्रधान, सचिव और तकनीकि सहायक से पूर्ण वसूली हो सकी है। ग्राम पंचायत म्यांसुर में सचिव और सहायक विकास अधिकारी से गबन की पूर्ण वसूली हो चुकी है। खितौली में प्रधान, सचिव और अवर अभियंता ग्रामीण विकास अभियंत्रण से पूर्ण वसूली हो चुकी है। ग्राम पंचायत उलाईखेड़ा में ग्राम प्रधान से पूर्ण वसूली हो चुकी है। सचिव के वेतन से प्रतिमाह 10 हजार रुपये की कटौती की जा रही है। जबकि पिछली पंचवर्षीय योजना में हुए गबन के मामले में पूर्व प्रधान के हिस्से में 2,64,575 रुपये की वसूली शेष है। विभाग पूर्व प्रधान से राजस्व की भांति वसूली की कार्रवाई कर रहा है।
4 ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर गड़बड़ियां की थीं। जांच में गबन का मामला सामने आया है। मौजूदा ग्राम प्रधानों और सचिवों से वसूली की जा रही है। पूर्व प्रधान से वसूली शेष है, जिसकी प्रक्रिया की जा रही है। - शहनाज अंसारी, डीपीआरओ।
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