मैनपुरी। पराली जलने से होने वालेे प्रदूषण को रोकने के लिए एक के बाद एक निर्णय लिए जा रहे हैं। अब पराली जलाने के मामले में किसानों के साथ-साथ प्रधानों की भी जिम्मेदारी तय कर दी गई है। इसके लिए जिलाधिकारी के आदेश पर डीपीआरओ ने सभी ग्राम प्रधानों को पत्र जारी किया है।
धान की पराली जलाने से आसमान में धुआं छाया हुआ है। इसे गंभीरता से लेते हुए पहले ही पराली जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई के आदेश दिए जा चुके हैं। इसके बाद भी प्रशासन पराली जलाने को नहीं रोक पा रहा है। अब इसके लिए प्रधानों की जिम्मेदारी तय की गई है।
जिलाधिकारी ने आदेश दिए हैं कि अगर कोई भी किसान पराली जलाता है तो ग्राम प्रधान भी जिम्मेदार होंगे। इसके लिए जरूरी है कि प्रधान किसानों को पराली जलाने से रोकें, अगर कोई किसान नहीं मानता है तो उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दें। आदेश के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी ने सभी ग्राम प्रधानों को पत्र जारी कर दिया है।
ग्राम प्रधानों को पत्र जारी किया गया है कि वे पराली जलाने वाले किसानों को रोकें। अगर कहीं भी पराली जलने का मामला सामने आता है तो प्रधानों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
स्वामीदीन, डीपीआरओ।