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यूपी : पहली बार मोबाइल एप से होगी पेपरलेस जनगणना, तीन तरह के बनेंगे डिजिटल रजिस्टर

Wed, 11 Aug 2021 12:03 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

प्रदेश के जनगणना निदेशक डॉ. अभिषेक जैन ने तैयारियां शुरू करने के दिए निर्देश
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बैठक के दौरान मौजूद अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पहली बार मोबाइल एप और लैपटॉप की मदद से जिले में पेपरलेस जनगणना होगी। गिनती करने वाले घर-घर जाकर जानकारियां जुटाएंगे। जिन्हें सॉफ्टवेयर में दर्ज किया जाएगा। जनगणना के साथ ही उसका पूरा ब्योरा ऑनलाइन हो जाएगा। मंगलवार को प्रदेश के जनगणना निदेशक डॉ. अभिषेक जैन ने प्रशासन को तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

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गृह मंत्रालय भारत सरकार के मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी एवं प्रदेश के निदेशक डॉ. अभिषेक जैन ने मंगलवार को सर्किट हाउस में जनगणना, मृत्यु एवं जन्म पंजीकरण कार्यों की प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा की। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि पहली बार ई-जनगणना होगी। जिसके लिए केंद्र सरकार जल्द एक सॉफ्टवेयर लॉन्च करेगी। जिसमें 20 कॉलम होंगे। मोबाइल एप व लैपटॉप पर जानकारियां भरी जाएगी। 
जनगणना नोडल प्रभारी एडीएम वित्त योंगेद्र कुमार ने बताया कि तीन तरह के रजिस्टर बनाने के निर्देश मिले हैं। शहरी क्षेत्र के लिए 100 नगर रजिस्टर बनेंगे। जिनमें वार्ड यूनिट होगी। देहात के लिए 690 रजिस्टर बनेंगे जिनमें राजस्व ग्राम को यूनिट माना है। इनके लिए 14 नगर निकाय, छह तहसील और छावनी, रेलवे सहित चार चार्ज रजिस्टर बनेंगे। जनगणना कार्मिक घर जाकर रजिस्टर से मिलान के आधार पर सॉफ्टवेयर में डाटा फीड करेगा। 

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बड़े गांव का बनेगा अलग रजिस्टर
जिन गांव में 10 हजार से अधिक आबादी है ऐसे बड़े गांव का अलग रजिस्टर बनेगा। जिनमे खंदौली, बरौली अहीर समेत 11 गांव शामिल हैं। जनगणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति नाम, पता, उम्र, लिंग, मोबाइल नंबर, धर्म आदि का विवरण दर्ज किया जाएगा।
 ऑनलाइन होगा जनगणना का ब्योरा
डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि जिले में 2011 की जनगणना का ब्योरा भी ऑनलाइन किया जा रहा है। कोई भी व्यक्ति ग्राम पंचायत, वार्ड स्तर पर जनगणना आंकड़े प्राप्त कर सकता है। 2022 की जनगणना का ब्योरा जनगणना के साथ ही ऑनलाइन हो जाएगा। उन्होंने कहा ब्योरा ऑनलाइन होने से 2011 और 2022 में आबादी का अनुपात ज्ञात करना सरल हो जाएगा। 
एक साल पिछड़ी जनगणना
जनगणना प्रत्येक दस साल पर होती है। 2021 की जनगणना का पहला चरण जनवरी 2020 से शुरू होना था, परंतु कोरोना संक्रमण के कारण कार्य एक साल पिछड़ गया। अब नए सिरे से जनगणना के दोनों चरणों की अधिसूचना जारी होगी। विधानसभा चुनावों के बाद जनगणना की तिथियां घोषित हो सकती हैं।
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300 गांव में नहीं हो रहे जन्म-मृत्यु के पंजीकरण
जनगणना निदेशक डॉ. अभिषेक जैन ने जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण में खराब प्रदर्शन पर नाराजगी जाहिर की है। एडीएम वित्त योगेंद्र कुमार ने बताया कि 300 गांव में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण का ब्योरा दर्ज नहीं हो रहा। आगरा में जन्म पंजीकरण दर 86 फीसदी है जबकि मृत्यु पंजीकरण दर जिले में 66 फीसदी है। यानी प्रत्येक 100 लोगों की मृत्यु होने पर 66 लोगों का ही पंजीकरण हो रहा है। इसी तरह प्रत्येक 100 बच्चों के जन्म होने पर 86 बच्चों का पंजीकरण हो रहा है। डीम प्रभु एन सिंह ने बताया कि निदेशक ने सीएमओ अरुण श्रीवास्तव को 100% पंजीकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, अब प्रत्येक अस्पताल में जन्म एवं मृत्यु का ब्योरा तत्काल अपलोड किया जाएगा। दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत सचिव जन्म एवं मृत्यु रजिस्टर के रूप में नामित हैं। सचिवों की जिम्मेदारी होगी कि वह प्रत्येक जन्म एवं मृत्यु की सूचना ब्लॉक स्तर पर दर्ज कराएंगे। 

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