बड़े गांव का बनेगा अलग रजिस्टर
जिन गांव में 10 हजार से अधिक आबादी है ऐसे बड़े गांव का अलग रजिस्टर बनेगा। जिनमे खंदौली, बरौली अहीर समेत 11 गांव शामिल हैं। जनगणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति नाम, पता, उम्र, लिंग, मोबाइल नंबर, धर्म आदि का विवरण दर्ज किया जाएगा।
ऑनलाइन होगा जनगणना का ब्योरा
डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि जिले में 2011 की जनगणना का ब्योरा भी ऑनलाइन किया जा रहा है। कोई भी व्यक्ति ग्राम पंचायत, वार्ड स्तर पर जनगणना आंकड़े प्राप्त कर सकता है। 2022 की जनगणना का ब्योरा जनगणना के साथ ही ऑनलाइन हो जाएगा। उन्होंने कहा ब्योरा ऑनलाइन होने से 2011 और 2022 में आबादी का अनुपात ज्ञात करना सरल हो जाएगा।
एक साल पिछड़ी जनगणना
जनगणना प्रत्येक दस साल पर होती है। 2021 की जनगणना का पहला चरण जनवरी 2020 से शुरू होना था, परंतु कोरोना संक्रमण के कारण कार्य एक साल पिछड़ गया। अब नए सिरे से जनगणना के दोनों चरणों की अधिसूचना जारी होगी। विधानसभा चुनावों के बाद जनगणना की तिथियां घोषित हो सकती हैं।
300 गांव में नहीं हो रहे जन्म-मृत्यु के पंजीकरण
जनगणना निदेशक डॉ. अभिषेक जैन ने जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण में खराब प्रदर्शन पर नाराजगी जाहिर की है। एडीएम वित्त योगेंद्र कुमार ने बताया कि 300 गांव में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण का ब्योरा दर्ज नहीं हो रहा। आगरा में जन्म पंजीकरण दर 86 फीसदी है जबकि मृत्यु पंजीकरण दर जिले में 66 फीसदी है। यानी प्रत्येक 100 लोगों की मृत्यु होने पर 66 लोगों का ही पंजीकरण हो रहा है। इसी तरह प्रत्येक 100 बच्चों के जन्म होने पर 86 बच्चों का पंजीकरण हो रहा है। डीम प्रभु एन सिंह ने बताया कि निदेशक ने सीएमओ अरुण श्रीवास्तव को 100% पंजीकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, अब प्रत्येक अस्पताल में जन्म एवं मृत्यु का ब्योरा तत्काल अपलोड किया जाएगा। दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत सचिव जन्म एवं मृत्यु रजिस्टर के रूप में नामित हैं। सचिवों की जिम्मेदारी होगी कि वह प्रत्येक जन्म एवं मृत्यु की सूचना ब्लॉक स्तर पर दर्ज कराएंगे।
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