एसोसिएशन ऑफ प्रोग्रेसिव स्कूल आगरा (अप्सा) के अध्यक्ष डॉ. सुशील चंद्र गुप्ता का कहना है कि निजी स्कूल फीस के संबंध में जारी शासनादेशों का पालन कर हैं, पर सरकारी स्कूल उसका उल्लंघन कर रहे हैं।
एक केंद्रीय विद्यालय की कक्षा सात की छात्रा का फीस न दे पाने पर नाम काट दिया गया। जबकि छात्रा के पिता नहीं हैं। उसके मौसा प्राइवेट नौकरी करते हैं। केंद्रीय विद्यालय में त्रैमासिक फीस ली जा रही है।
विलंब शुल्क भी वसूला जा रहा है। सरकार निजी स्कूलों के साथ भेदभाव कर रही है। डॉ. सुशील चंद्र गुप्ता का कहना है कि छात्रा चाहे तो वह उन्हें अपने विद्यालय प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल में नि:शुल्क पढ़ा सकते हैं।