बाह। चंबल नदी के उसैथ घाट पर पानी भरते समय सोमवार को गांव के छोटेलाल के पुत्र अनिल (12) की मगरमच्छ के हमले में जान चली गई थी। चार दिन पहले ख्याली पुरा गांव निवासी विक्रम सिंह मल्लाह की 14 साल की बेटी मुस्कान को नदी मेें पानी पीते समय मगरमच्छ खींच ले गया था, जिससे उसकी मौत हो गई।
नेस्टिंग और हैचिंग के काल में चंबल किनारे मानव गतिविधि को बालू में अपने अंडे नष्ट होने का खतरा समझ मगरमच्छ हमलावर हो जाते हैं। बाह रेंजर आरके सिंह राठौड़ ने बताया कि नदी किनारे के गांवों में लोगों को हैचिंग पीरियड के समय नदी क्षेत्र में न जाने की चेतावनी दी गई है। ताजा हमले के बाद क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी किया गया है। बता दें कि पिछले साल इन्हीं दिनों में दगरा घाट पर भोगपुरा निवासी हरभान निषाद का का बेटा अल्केश (8) नदी में पानी पीते समय मगरमच्छ के हमले का शिकार हो गया था। अटेर घाट पर दिन्नपुरा की रानी को ऊंट को पानी पिलाते समय तथा रिठौरा खुर्द के घाट पर गांव के रामबाबू को चंबल से पानी भरते समय मगरमच्छ ने हमलाकर पैर जबडे़ में जकड़ लिए थे। चरवाहों ने दोनों की जान बचाई थी। वनकर्मी बताते हैं कि मघारा घाट पर तो नदी किनारे जाने वालों के पीछे मगरमच्छ दौड़ पड़ता है।