सोरोंजी। अजा एकादशी पर श्रद्धालुओं ने पंचकोसी परिक्रमा लगाई। हरि की पौड़ी में गंगा स्नान के बाद वराह मंदिर में भगवान वराह की पूजा अर्चना के बाद ब्राह्मण कल्याण सभा के तत्वावधान में श्रद्धालुओं ने सूकर क्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा प्रारंभ की।
ढोल-मंजीरा बजाते व हरि नाम का संकीर्तन करते हुए श्रद्धालु चल रहे थे। रास्ते में सूर्य कुंड, दूधेश्वर चंद्र कुंड, सीताराम जी मंदिर, बटुक भैरव मंदिर, गोस्वामी तुलसीदास जन्म स्थान मंदिर होते हुए श्रद्धालु प्रथम पड़ाव 84 घंटा वाली माता मंदिर पर पहुंचे। जहां अल्प विश्राम के बाद सीता जी की रसोई, सिंगल वाले महाराज , करुआ देव, वृद्ध गंगा होते हुए भागीरथ की गुफा व वन खंडेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर पूजा की। मार्ग में जगह-जगह धर्मप्रेमियों ने श्रद्धालुओं को फल मिष्ठान आदि वितरित किए। ब्राह्मण कल्याण सभा संस्थापक अध्यक्ष शरद कुमार पांडे ने परिक्रमा में शामिल श्रद्धालुओं को अजा एकादशी का महत्व समझाते हुए बताया कि पदमपुराण के अनुसार अजा एकादशी सब पापों का नाश करने वाली है।
जो भगवान विष्णु का पूजन करके इसका व्रत करता है,वह इस लोक में सुख भोगकर अंत में विष्णुलोक में जाता है। पंचकोसी परिक्रमा में एटा, बदायूं, बरेली, लखीमपुरखीरी, आगरा सहित दूरदराज से आए ग्रामीण क्षेत्र से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया। जयप्रकाश त्रिवेदी हरिओम पचौरी, योगेश उपाध्याय, शशांक दीक्षित, शिव बेंदेल ,नागेंद्र दीक्षित ,अशोक कुमार पांडे, रामकिशन उपाध्याय ,यतेंद्र उपाध्याय शास्त्री, भगवत शरण मिश्रा, गिरीश पाठक ,मनी पाराशर, विकास, शिवानंद उपाध्याय ,अर्जुनलाल गुप्ता ,उपेंद्र उपाध्याय, शंकर लाल लोधी ,ईश्वरी प्रसाद ,कोमल सिंह, राधे गुरु आदि ने परिक्रमा में हिस्सा लिया।