एटा जनपद में विभिन्न अपराधों में संलिप्त करीब 1165 हिस्ट्रीशीटर हैं। इनमें से अब तक केवल 87 हिस्ट्रीशीटर ही जेल की सलाखों के पीछे भेजे जा सके हैं। शेष हिस्ट्रीशीटर अब भी खुलेआम घूम रहे हैं। इनमें कई तो सफेदपोश हैं, जिन पर पुलिस हाथ डालने से बच रही है। वहीं इस वर्ष करीब 67 नए हिस्ट्रीशीटर घोषित भी किए गए हैं। पंचायत चुनाव से पूर्व इन हिस्ट्रीशीटरों को जेल में डालना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। निरंतर लोगों के शस्त्र लाइसेंस जमा कराए जाने की कवायद हो रही है, वहीं शराब और असलहा माफियाओं पर अंकुश लगाना भी उसकी जिम्मेदारी है। पुलिस हर रोज विभिन्न अपराधों में आधा दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज रही है। इनमें सर्वाधिक संख्या शराब, वांछित और अन्य अपराधों में संलिप्त लोगों की है।
मिशन शक्ति: महिला एवं बाल अपराधों में न्याय की उम्मीदें बढ़ीं, उम्र कैद दिलाने में आगरा अव्वल
इधर, जिले में बड़ी संख्या में हिस्ट्रीशीटर पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती बने हुए हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में 1165 हिस्ट्रीशीटर हैं। इनमें करीब 67 हिस्ट्रीशीटर ऐसे हैं जो नए हैं और इसी साल उनकी हिस्ट्रीशीट खोली गई है। पुलिस अब तक करीब एक माह में 87 हिस्ट्रीशीटरों को पकड़ कर जेल भेज चुकी है, वहीं करीब 127 हिस्ट्रीशीटर ऐसे हैं जिनकी मौत हो चुकी है। पुलिस अब इनकी हिस्ट्रीशीट बंद करने की कवायद में जुट गई है।
हाथ नहीं डाल पा रही पुलिस
कई हिस्ट्रीशीटर ऐसे हैं जो या तो सफेदपोश हैं या फिर उनको संरक्षण प्राप्त है। ऐसे लोगों पर पुलिस हाथ नहीं डाल रही है। वहीं इन लोगों के द्वारा पुलिस को स्पष्ट भी किया जा रहा है कि उनका अपराधों से कोई वास्ता नहीं है, ऐसे में उनकी हिस्ट्रीशीट भले ही खुली हो पर उन्हें बख्श दिया जाए।