लिक्विड से बनेगी गैस, फिर सिलिंडर में भरी जाएगी
जलसेर रोड स्थित बांके बिहारी एयर प्रोडक्ट के संचालक राम खिलाड़ी पचौरी ने बताया कि जमशेदपुर से लिक्विड आएगा। लिक्विड को गैस में बदला जाएगा। फिर गैस सिलिंडर में भरकर उपयोग में लाई जा सकेगी।
24 घंटे में तैयार होगा 60 सिलिंडर का प्लांट
टेढ़ी बगिया स्थित मै. अग्रवाल प्लांट से गुरुवार तक प्रतिदिन 60 सिलिंडर की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। यहां पहले लिक्विड से नाइट्रोजन गैस बनती थी। मंगलवार को डीएम ने प्लांट के लिए एनओसी जारी की। टोरंट पावर ने 550 किलो वॉट का कनेक्शन दिया है। डीएम ने बताया कि यहां हवा से ऑक्सीजन बनाई जाएगी।
एक-एक सिलिंडर को तरस रहे नॉन-कोविड रोगी
शहर में सभी ऑक्सीजन प्लांट व सप्लायर से सिर्फ कोविड अस्पतालों में सिलिंडर सप्लाई हो रही है। अन्य जगह आपूर्ति पर रोक है। ऐसे में नॉन-कोविड मरीजों के लिए अस्पतालों, एंबुलेंस, होम आइसोलेशन में ऑक्सीजन का संकट है। एक-एक सिलिंडर के लिए मरीज तरस रहे हैं।
अलीगढ़ से सप्लाई पर रोक
सिटी मजिस्ट्रेट अरुण कुमार ने बताया कि कोरोना का संक्रमण बढ़ने के कारण सभी जगह मरीजों की तादाद बढ़ी है। अलीगढ़ में भी कोरोना के गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ने और और ऑक्सीजन की कमी के कारण वहां के स्थानीय प्रशासन ने ऑक्सीजन को बाहर भेजने पर रोक लगा दी है।
आगरा के प्लांटों से भी औद्योगिक संस्थानों की आपूर्ति पर रोक लगा दी गई। अब पूरी ऑक्सीजन जरूरतमंद मरीजों के इलाज के लिए उपयोग हो रही है। यहां उत्पादन 800 से 1000 सिलिंडर प्रतिदिन का है जबकि जरूरत 1500 सिलिंडर प्रतिदिन की है। धीरे-धीरे पुराना बैकअप खत्म हो रहा है जो अब घटकर सिर्फ एक दिन का रह गया है। इसी लिए झारखंड के जमशेदपुर से ऑक्सीजन मंगाई गई है, इससे ऑक्सीजन बैकअप चार दिन का हो जाएगा।
आगरा के अस्पतालों का हाल: न बिस्तर मिल रहा...न ऑक्सीजन, इलाज के लिए तड़प रहे मरीज