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UP: करोड़ों की जायदाद, ट्रैक्टर्स के पार्ट की फैक्टरी और चार जवान बेटे, फिर भी इस मां का ठिकाना है वृद्धाश्रम

Sat, 01 Apr 2023 11:55 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमन कुमार शर्मा, आगरा

सार

करोड़ों की जायदाद मालकिन और चार जवान बेटों की एक मां आज दर-दर की ठोकरें खा रही है। जिन बच्चों को उसने पाला-पोसा उन्हीं ने जीवन के अंतिम पड़ाव में उसे घर से निकाल दिया। वृद्धा ने अपना सिर छिपाने के लिए रामलाल वृद्ध आश्रम में शरण ली है।
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86 वर्षीय विद्या देवी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में करोड़पति चार बेटों की मां इन दिनों वृद्ध आश्रम में अपना जीवन व्यतीत कर रही है।  वृद्ध विद्या देवी अपने बेटों से इस कदर आहत हैं कि उन्होंने ये तक कहा है कि अब यदि वे मर जाएं तो इसकी खबर भी उनके बेटों को न दी जाए। 

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पति की मौत के बाद संभाला था घर 

86 वर्षीय विद्या देवी का आगरा की पॉश कॉलोनी कमला नगर में खुद का आलीशान मकान है। 10 साल पहले उनके पति की अचानक मृत्यु हो गई। इसके बाद चार बेटों को सहारा दिया। व्यापार के लिए फैक्टरी खुलवाई और उनकी शादी भी करवाई। सोचा था कि अब बेटे बुढ़ापे की लाठी बनेंगे, लेकिन विद्या देवी का ये सपना धूल में मिल गया। 

एक बेटे पर तो दो फैक्टरी

विद्या देवी के चार बच्चे होने के बाद भी वह वृद्ध आश्रम में रहकर गुजारा कर रही है। वृद्धा ने उनके एक बेटे पर ट्रैक्टर्स के पार्ट बनाने की दो फैक्टरी हैं। वहीं तीन अन्य बेटों पर खुद की बहुमंजिला इमारत में हैं। चारों ही बेटों के पास धन की कोई कमी नहीं है, लेकिन उनके दिलों में मां के लिए जगह नहीं है।

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तीन माह पहले घर से निकाला 

विद्या देवी ने बताया कि तीन महीने पूर्व बेटा और उनकी पत्नियों ने घर से निकाल दिया। जिन बच्चों को इतने प्यार से पाला, अब उन ही बेटों को मां में से बदबू आती है। पीड़िता ने बताया कि घर से निकालने से पहले बेटे ने घर और फैक्टरी अपने नाम करा ली थी।

बहन ने दिलाई आश्रण में शरण 

जब उसकी ऐसी हालत के बहन ने देखा, तो उसने वृद्ध आश्रम में शरण दिलाई। वृद्धा ने बताया कि रामलाल आश्रम के संचालक शिव प्रकाश शर्मा से गुहार है कि 'मेरी मौत हो जाने के बाद बेटों को ये सूचना नहीं देना, मेरे मृत शरीर को आश्रम में ही जला देना।

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