बिना पैन नंबर के 20 हजार से अधिक बैनामों में आयकर चोरी की जांच चल रही है। इसके साथ ही व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब 30 लाख से अधिक मूल्य के बैनामों में लेनदेन का विवरण तिमाही जमा होगा।
बिना पैन नंबर लगाए 10 लाख रुपये तक और पैन नंबर सहित 30 लाख रुपये मूल्य के बैनामों में लेनदेन का विवरण अब आयकर विभाग के पास तिमाही जमा होगा। 20 हजार से अधिक बैनामे आयकर विभाग के रडार पर आने के बाद स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग में प्रत्येक तीन महीने पर विवरण जमा कराने की व्यवस्था लागू की गई है।
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जिले में 10 सब रजिस्ट्रार दफ्तर हैं। आयकर विभाग ने पिछले दिनों किरावली और फिर सदर तहसील स्थित सब रजिस्ट्रार द्वितीय कार्यालय में सर्वे किया था जिसके बाद पांच साल का रिकाॅर्ड आयकर टीम ने जब्त किया। रिकाॅर्ड की जांच हो रही है। इनमें 20 हजार से अधिक बैनामाें में टैक्स चोरी की आशंका है।
बैनामों में हुए लेनदेन का विवरण फॉर्म-16 में अधूरा मिला था। सहायक महानिरीक्षक निबंधन योगेश कुमार ने बताया कि सदर स्थित पांच सब रजिस्ट्रार को बैनामों में हुए लेनदेन का विवरण हर तीन महीने पर जमा कराने के निर्देश दिए हैं। चार्टर्ड एकाउंटेंट या विभाग के स्तर से लापरवाही तो नहीं बरती गई इन बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है। बैनामों में हुए वित्तीय लेनदेन का विवरण वार्षिक जमा होता था। 30 लाख से अधिक मूल्य के सभी बैनामों में हुए वित्तीय लेनदेन का विवरण आयकर विभाग के पास जमा कराना अनिवार्य है।