आगरा के ट्रांस यमुना के झरना नाला पर 25 दिन पहले हुई एनआरआई महिला से लूट का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा किया है। खंदाैली पुलिस पर फायर करके फरार हुए आरोपी सोनू ने अपने भाई मोनू और साथी बंटी के साथ वारदात को अंजाम दिया था। सोनू और उसके साथी रामबाग से गाड़ियों में अकेले जाने वाली महिलाओं का पीछा करते हैं। गाड़ी पर ठकठक करके पंक्चर और ऑयल गिरने की कहकर रुकवाते हैं। इसके बाद लूट करके फरार हो जाते हैं। हालांकि पुलिस पासपोर्ट बरामद कर सकी और न ही डालर मिले हैं। इससे पुलिस के खुलासे पर सवाल भी उठ रहे हैं।
मूलरूप से हाथरस की रहने वाली कुमारी वर्मन अमेरिका के कैलिफोर्निया में रहती हैं। वह बेटी के साथ अपनी बहन के बेटे की शादी में शामिल होकर 4 दिसंबर को वापस जा रही थीं। झरना नाला पर स्कूटी सवार दो बदमाशों ने कार पंक्चर की बात कहकर रुकवाया और बैग लेकर भाग गए थे। पर्स में कुमारी वर्मन का पासपोर्ट, आईफोन, 4 हजार अमेरिकी डाॅलर, 20 हजार रुपये रखे हुए थे। प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद उन्होंने डुप्लीकेट पासपोर्ट बनवाया, तब वह 26 दिसंबर को वापस जा सकीं।
वहीं, खंदौली क्षेत्र में आंवलखेड़ा निवासी सावित्री देवी से 20 सितंबर को जेवरात लूट मामले में पुलिस ने राॅकी उर्फ जितेंद्र को गिरफ्तार किया था। उसके साथ सोनू भी था। पुलिस पर फायरिंग कर वह भाग गया था। सोमवार रात को अतुल होम्स के पास से चेकिंग के दाैरान उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
डॉलर, आईफोन, पासपोर्ट नहीं हुआ बरामद
आरोपी सोनू ट्रांस यमुना क्षेत्र स्थित ट्रांसफार्मर वाली गली का रहने वाला है। उसके पास से तमंचा बरामद हुआ। उसने बताया कि वह ऑटो चलाता है। रामबाग चौराहे पर जाम लगने के दौरान अकेली महिला पर नजर रखते हैं और गाड़ी पंक्चर होने की कहकर लूटते हैं। ऑटो में बैठाकर भी लूटते हैं। रकम मिलने पर गुरुग्राम चले जाते हैं। एनआरआई महिला से भी लूट की। हालांकि पुलिस डाॅलर, आईफोन, रुपये और पासपोर्ट तक बरामद नहीं कर सकी है।