मैनपुरी। जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जिस मरीज को गंभीर हालत में रेफर किया जा रहा है। उसे एंबुलेंस आने से पहले ही बिना किसी ऑक्सीजन आदि की सुविधा के अस्पताल से बाहर कर दिया गया। करीब एक घंटे तक कोरोना संक्रमित महिला मरीज अस्पताल के बाहर तड़पती रही। एक घंटे बाद उसे एंबुलेंस मिली तो परिजन उसे फिरोजाबाद ले गए।
थाना बेवर क्षेत्र के गांव पहरामऊ निवासी रमेश चंद्र की 55 वर्षीय पत्नी रासमती देवी को कोरोना संक्रमित होने पर परिजनों ने शुक्रवार शाम कोविड लेवल टू अस्पताल में भर्ती कराया था। शनिवार सुबह साढ़े 11 बजे महिला को गंभीर हालत में कोविड लेवल टू अस्पताल से रेफर करते हुए बाहर कर दिया गया।
खास बात यह रही कि जिस महिला को गंभीर हालत के कारण रेफर किया गया था उसे कोविड अस्पताल के स्टाफ ने बिना किसी ऑक्सीजन आदि के ही व्हील चेयर पर अस्पताल से बाहर कर दिया। अस्पताल के बाहर आने पर उन्हें करीब एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं मिली। इससे परिजन परेशान रहे। एक घंटे तक महिला अस्पताल के बाहर तड़पती रही। करीब साढ़े 12 बजे उसके लिए सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध हो सकी।
पहले तो कोविड अस्पताल में शुक्रवार को ही मेरी माता जी को हालत खराब होने के बाद भी भर्ती नहीं किया जा रहा था। भर्ती करने के बाद शनिवार सुबह उन्हें रेफर कर दिया गया है। करीब एक घंटे से वे व्हीलचेयर पर ही बाहर हैं। हमें उनके जीवन पर खतरा दिखाई दे रहा है। अस्पताल प्रशासन मेरी बात को सुन नहीं रहा है। जिलाधिकारी भी अंदर हैं उनसे भी मुझे नहीं मिलने दिया गया।
अनिल कुमार, पीड़ित महिला का पुत्र
महिला को गंभीर हालत में रेफर किया गया था। एंबुलेंस आने पर ही बाहर निकाले जाने की बात कही गई थी लेकिन परिजन अपनी मर्जी से ही महिला को बाहर ले गए।
डॉ. एके पांडेय सीएमओ