मैनपुरी/दन्नाहार। मनरेगा कार्यों को देखने के लिए सोमवार को उपायुक्त मनरेगा ने गांवों का रुख किया। पहले ही गांव में निरीक्षण के दौरान मनरेगा में किया जा रहा फर्जीवाड़ा सामने आया है। मस्टररोल देखा तो 39 मजदूरी की उपस्थिति दर्ज थी लेकिन मौके पर नौ मजदूर काम करते मिले। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त मनरेगा रंजीत सिंह सोमवार को विकास खंड घिरोर के गांव भटानी पहुंचे थे। यहां सबसे पहले वे मनरेगा से किए जा रहे नाली की खोदाई का निरीक्षण करने पहुंचे। जब उन्होंने मस्टररोल देखा तो उसमें 39 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की गई थी। वहीं जब उन्होंने हाजिरी ली तो केवल नौ मजदूर ही मौके पर काम करते मिले। इससे साफ हो गया कि रोजगार सेवक और पंचायत सचिव द्वारा मिलकर फर्जीवाड़ा किया जा रहा था। कार्य के अतिरिक्त 30 और मजदूरों की भी उपस्थिति लगाई गई थी, जबकि वे काम पर आए ही नहीं थे। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उपायुक्त ने दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके बाद उन्होंने गांव में भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गलियां जहां गंदी मिली तो वहीं नालियों में भी सिल्ट मिली। ग्रामीण मुनेश चौहान ने सफाईकर्मी न आने की शिकायत की।