कुछ महीने पहले तक कुशल यादव एक आम गृहणी थीं। राजपाल यादव की पत्नी से ज्यादा उनकी पहचान नहीं थी लेकिन वक्त ने ऐसी करवट बदली अब उनकी विशेष पहचान है। जिले की प्रथम महिला होने का गौरव हासिल हुआ है। बरौली अहीर ब्लाक के वार्ड नंबर दस जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने वाली कुशल यादव उन 51 सदस्यों में थीं जो चुनाव जीते थे लेकिन उस वक्त वह उस लाइन से अलग हो गई जब समाजवादी पार्टी ने उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रत्याशी घोषित कर दिया। गुरुवार को चुनाव हुआ तो वे मन में की आशंकाएं लेकर कलेक्ट्रेट में दाखिल हुईं और करीब चार घंटे के इंतजार के बाद उनकी सभी आशंका मिट गईं और कुआं खेड़ा गांव की आम महिला एकदम से खास हो गई। गले में मालाएं, समर्थकों की नारेबाजी के बीच उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाने को सीओ की गाड़ी लाई गई। पुलिस की एक जीप उनके पीछे गई। हालांकि समर्थकों ने भी उनका विजय जुलूस निकालने के लिए खुली जीप का इंतजाम किया था लेकिन विजय जुलूस पर प्रतिबंध होने के कारण प्रशासन ने उन्हें इजाजत नहीं थी। अब कुशल यादव लाल बत्ती लगी कार में चलेंगी। अदर्ळी के साथ सुरक्षा कर्मी उनके साथ होंगे। जिला पंचायत कार्यालय में आफिस होगा और अब तक केवल अपने घर के फैसले लेने वाली कुशल यादव पूरे जिले की जनता के फैसले करेंगी।
अधिकारियों ने एडवांस में दी बधाई
आगरा। मतदान पूरा होते ही शोर मच गया था कि कुशल की जीत तय है। तब तक मतगणना शुरू नहीं हुई थी। लेकिन अफसरों ने उन्हें बधाई देना शुरू कर दिया। वे अपना वोट डालने के बाद एडीएम प्रशासन के कार्यालय में बैठी थीं। इस दौरान अधिकारी और कर्मचारी उन्हें बधाई देने जाते रहे। राजपाल और हरेंद्र्र को भी बधाई देने वालों की कमी नहीं थी।