आगरा में रजिस्ट्री दफ्तर में एआईजी (स्टांप) के आदेश से टकराव की स्थिति पैदा होने जा रही है। पीपीपी मॉडल पर भर्ती के विरोध में मंगलवार को भी अधिवक्ता, कातिब व स्टांप वेंडर्स ने काम नहीं किया। थाली-चम्मच बजाकर विरोध-प्रदर्शन किया। शाम 4 बजे एआईजी (स्टांप) एसके सिंह ने सभी उप निबंधक को हड़ताल में भी बैनामा पंजीयन के आदेश दिए हैं। इसके विरोध में वकीलों ने टास्क फोर्स का गठित कर जवाब देने का दावा किया।
बैनामा पंजीयन के विरोध में वकीलों ने 25 सदस्यीय टास्क फोर्स बनाई है और बुधवार को भी हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है। 18 दिन से जारी हड़ताल के कारण करीब 100 करोड़ राजस्व आय का नुकसान हुआ है। जिले की 6 तहसीलों के 10 रजिस्ट्री दफ्तर हैं, यहां पर एक हजार से अधिक बैनामे अधर में फंसे हुए हैं। जिन पार्टियों ने विक्रेता को अग्रिम भुगतान कर दिया है, उनकी रकम भी डूब सकती है।
सदर तहसील बार एसोसिएशन महासचिव अरविंद कुमार दुबे का कहना है कि सीधे बैनामा पंजीयन के विरोध में अधिवक्ता बुधवार से आंदोलन को उग्र रूप देंगे। एआईजी के निर्णय की निंदा करते हुए आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी की तहसीलों से प्रतिनिधियों को बुलाया है। टास्क फोर्स के सदस्य बैनामा करने और कराने वालों पर नजर रखेंगे।
पूर्व अध्यक्ष लाल बहादुर राजपूत का कहना है कि रजिस्ट्री दफ्तर में बैनामा के विरोध में कोई टकराव या अनहोनी होगी तो उसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा। बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष श्रीकृष्ण दीक्षित ने कहा सरकार की मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हड़ताल में आशू यादव, निशांत चतुर्वेदी, विमल तिवारी, दिव्यांश पांडेय, मान सिंह धाकड़, परमेंद्र त्यागी, देवी सिंह, राजकुमार लवानियां, अंकुर वर्मा, दिनेश भारद्वाज, नितिन शर्मा, जगन प्रसाद तेहरिया, सुधाकर शर्मा, लाखन सिंह, रानी गुप्ता आदि शामिल रहे।