मैनपुरी। बीते वर्ष चयनित प्रधानमंत्री आवासों को तीसरी किस्त जारी न होने पर बुधवार को परियोजना निदेशक ग्राम पंचायत गोटपुर में सत्यापन के लिए पहुंचे। सत्यापन के दौरान पता चला कि छह अपात्रों को तत्कालीन सचिव ने आवास दे दिए हैं। इसके कारण तीसरी किस्त नहीं दी गई है। उन्होंने तत्कालीन पंचायत सचिव के निलंबन के आदेश दिए हैं।
विकास खंड बरनाहल की ग्राम पंचायत गोटपुर में बीते वर्ष स्वीकृत हुए प्रधानमंत्री आवास में से आठ आवासों की तीसरी किस्त नहीं भेजी गई थी। समीक्षा में मामला सामने आने पर बुधवार को परियोजना निदेशक केके सिंह खुद ग्राम पंचायत गोटपुर के गांव गोंदई में सत्यापन करने पहुंचे। यहां सत्यापन के दौरान पता चला कि आठ में से छह अपात्रों को आवास दे दिए गए हैं। इनके पास बड़े पक्के मकान हैं। इतना ही नहीं उन्हें दो किस्तें भी जारी कर दी गई हैं। इस पर परियोजना निदेशक ने तत्कालीन पंचायत सचिव सुभाष चंद्र को निलंबित करने के आदेश दिए। वहीं दो पात्रों को प्रधानमंत्री आवास की तृतीय किस्त जारी करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि अपात्रों को आवास दिया जाना गंभीर मामला है, इसमें फर्जीवाड़ा क्षम्य नहीं होगा। उन्होंने अपात्रों से धनराशि की रिकवरी किए जाने के लिए भी आदेश दिए हैं। सत्यापन के दौरान पंचायत सचिव रवि यादव व ग्राम प्रधान मौजूद रहे।
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स्कूल के शौचालय का टूटा गेट देखकर जताई नाराजगी
प्रधानमंत्री आवासों के सात्यापन के दौरान परियोजना निदेशक ने प्राथमिक विद्यालय गोटपुर का भी निरीक्षण किया। यहां एक शौचालय पर गेट नहीं थी और न ही टाइल्स लगाई गई थीं। इस पर उन्होंने पंचायत सचिव रवि यादव को शौचालय में गेट लगवाने और शौचालय व रसोई में टाइल्स लगवाने के आदेश दिए।
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-गोटपुर में आठ आवासों की तीसरी किस्त न जाने पर सत्यापन के लिए गया था। यहां छह अपात्रों को आवास देने का मामला सामने आया है। मामला गंभीर है, इसलिए तत्कालीन पंचायत सचिव सुभाष चंद्र यादव के निलंबन के आदेश दिए गए हैं।
-केेके सिंह, परियोजना निदेशक।
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