दोपहर 12 बजे के करीब बीएसए जितेंद्र गौंड, खंड शिक्षा अधिकारी कृष्ण गोपाल तिवारी के साथ खेरागढ़ ब्लॉक पहुंचे। एक जगह उन्हें यूनिफॉर्म में कुछ बच्चे घर लौटते मिले। बीएसए ने बच्चों से स्कूल का नाम पूछा तो उन्होंने इशारे में बता दिया। स्कूल पहुंचने पर पता चला कि बगैर चहारदीवारी के चार कमरों में विद्यालय संचालित था। बिल्डिंग पर न तो स्कूल का नाम था न मान्यता संबंधित अन्य जानकारियां अंकित थीं। स्टाफ भी नहीं था।
इसी तरह एक अन्य विद्यालय में कक्षा के आंगन में एक व्यक्ति 20-25 बच्चों को पेड़ के नीचे बैठाकर पढ़ा रहा था। मान्यता संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिला। एक अन्य विद्यालय में मान्यता तो कक्षा 6 से 8 तक की ली गई थी मगर यहां कक्षा एक से पांच तक संचालित हो रहे थे। बीएसए के निरीक्षण की सूचना पाकर पहली से पांचवीं तक की छुट्टी कर दी गई थी। एक अन्य विद्यालय में भी संचालक छापे की सूचना पर स्कूल की छुट्टी कर दी। इन सभी को नोटिस जारी किया गया है।
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