रेलवे की एनओसी में उलझा एसटीपी का संचालन
कासगंज। काली नदी को प्रदूषण से राहत देने के लिए तैयार किए जा रहे एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) के संचालन में रेलवे बाधा बना हुआ है। रेल लाइन क्रॉस कर निकाली जाने वाली विद्युत लाइन का काम एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) में उलझकर रह गया है। कार्यदायी संस्था प्रदूषण नियंत्रण इकाई आगरा ने रेलवे को एनओसी के लिए 1.20 करोड़ रुपये भी दे दिए हैं। इसके बावजूद रेलवे ने अभी तक एनओसी नहीं दी।
काली नदी के समीप तैयार किया जा रहा एसटीपी लगभग पूरा हो चुका है। यहां बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। बिजली आपूर्ति के लिए कार्यदायी संस्था प्रदूषण इकाई आगरा ने बिजली विभाग से एस्टीमेट तैयार कराया और विद्युत निगम को धनराशि भेजी। विद्युत निगम ने एसटीपी को आपूर्ति देने के लिए लाइन खींचने का काम शुरू किया। इस बीच रेलवे ने आपत्ति कर दी। क्योंकि विद्युत लाइन रेल लाइन को क्रॉस कर निकाली जानी है। विद्युत निगम और कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने रेलवे से संपर्क किया। रेलवे ने स्पष्ट किया कि 1 करोड़ 20 लाख रुपये का नुकसान बिजली लाइन निकाले जाने से होगा। क्योंकि रेलवे की काफी जमीन अनुपयोगी हो जाएगी। इसके बाद कार्यदायी संस्था ने पिछले सप्ताह उक्त धनराशि रेलवे को दी। इसके बाद भी अभी तक रेलवे ने एनओसी नहीं दी है।
यह है उद्देश्य
एसटीपी निर्माण का उद्देश्य शहर के नाले नालियों का काली नदी में गिरता गंदा पानी शुद्ध कराने के बाद ही नदी तक पहुंचा जाए। इस योजना के तहत अमरपुर और नदरई के गंदे नाले लिंक किए जाएंगे। दोनों ही नालों का पानी सीवरेज प्लांट में शुद्ध कराने के बाद ही काली नदी में पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा गंदे पानी का जो कचरा बचेगा उसमें पॉलिथीन को पालिका के डंपिंग ग्राउंड में डाला जाएगा और शेष कचरे से खाद बनाई जाएगी।
यह हो चुका है काम
काली नदी पर प्राइमरी ट्रीटमेंट यूनिट का काम पूरा हो चुका है। इस ट्रीटमेंट प्लांट पर 16 करोड़ रुपये की लागत से यंत्र लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा अमांपुर और नदरई जिन नालों का पानी नदी में गिरता है वहां से ट्रीटमेंट प्लांट तक सीवर पाइप लाइन बिछा ली गई है।
आंकड़े की नजर से
- 67.56 करोड़ रुपये से एसटीपी निर्माण की मिली है स्वीकृत
- 15 मिलियन लीटर पानी प्रतिदिन शुद्ध करने की क्षमता का बनाया जा रहा एसटीपी
- 33.32 करोड़ रुपये से निर्माण के बाद होगा रख रखरखाव
- 15 साल तक रखरखाव का जिम्मा निभाएगी कार्यदायी संस्था
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एनओसी मिलने पर होगा काम
रेलेव से एनओसी मिलनी है। रेलवे को नमामि गंगे योजना के तहत 1.20 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। रेलवे से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद बिजली की आपूर्ति मिलेगी। इसके बाद ही एसटीपी का संचालन होगा। -गौरव शर्मा, अवर अभियंता, प्रदूषण नियंत्रण इकाई, जल निगम आगरा
जल्द वार्ता करेंगे
अभी इस संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं है। संबंधित अधिकारियों से वार्ता करेंगे। उसके बाद ही स्पष्ट कर सकेंगे कि प्रकरण में क्या प्रगति हो रही है। -राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर रेल मंडल